रानीखेत (अल्मोड़ा)। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, रानीखेत और सरस्वती शिशु मंदिर की ओर से शुक्रवार को बहुउद्देशीय हाल की छत पर वंदे मातरम के सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 700 से अधिक छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों ने एक साथ वंदे मातरम का गायन कर देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।
मुख्य वक्ता भुवन चंद्र पांडेय ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता संघर्ष की प्रेरणादायी आवाज रहा है। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश बिष्ट और कृष्णानंद कांडपाल के संयोजन में किया गया। इस अवसर पर एकल सभासद मोहन नेगी, डॉ. कौशल सिंह बंगारी आदि वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहां धर्मानंद जोशी, डीपी चौधरी, चंदन कुमार, एपी सिंह, दीप भगत, गिरीश भगत, आनंद अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
नैल में वंदे मातरम, नागरिक कर्तव्यों पर हुई चर्चा
मौलेखाल(अल्मोड़ा)। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सरस्वती शिशु मंदिर नैल में नमामि भारत एवं वंदे मातरम् सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानाचार्य जगत पाल की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रवीण कुमार रहे। मुख्य वक्ता सामाजिक कार्यकर्ता संजय सत्यवली ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व एवं नागरिक कर्तव्यों पर विचार रखे। अध्यक्षता शंकर दत्त सनवाल ने की। इस दौरान उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन। वहां चित्रकूट मंडल संयोजक महेंद्र सिंह पटवाल, गुमटी अमन सिंह, चंद्र शेखर, विक्रम रावत, घुंघत्याल, गिरधर सिंह, बालम सिंह, मोहन सिंह, हरगोविंद सिंह, वीरेंद्र रावत, हरीश चंद्र सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं पुष्पा देवी, अनीता देवी, लक्ष्मी, नमिता एवं प्रीति आदि मौजूद रहे। संवाद
मांसी में वंदे मातरम् के इतिहास पर प्रकाश डाला
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सरस्वती शिशु मंदिर मासी में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। वक्ताओं ने वंदे मातरम् के इतिहास, राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता महेश लाल वर्मा ने की। मुख्य वक्ता सरपंच एवं जिला अध्यक्ष नंद किशोर आर्या ने कहा कि वंदे मातरम् देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता की भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक है। विशिष्ट अतिथि डिग्री कॉलेज मांसी के प्रोफेसर डॉ. पूरन आर्या ने कहा कि इस गीत ने भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना जगाने और स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा देने का कार्य किया। संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य हरि प्रकाश ने किया। इस दौरान ओमप्रकाश, ममता आर्या, रोशनी, कविता, काजल आदि मौजूद रहे।