रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन नगरी का प्रख्यात ग्रीष्मोत्सव फिर से शुरू होने की उम्मीद है। तीन दिन पूर्व प्रशासन ने जंगल की आग और पेयजल किल्लत की दिक्कत बताते हुए एक जून से प्रस्तावित इस महोत्सव के आयोजन पर प्रश्नचिन्ह खड़े किए थे। इधर, पूर्व विधायक करन माहरा ने बताया कि डीएम से वार्ता की गई है, उन्होंने सार्थक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत कुमार ने मेले को लेकर 16 मई को फिर से नागरिकों की बैठक बुलाई है।
बता दें कि पर्यटन नगरी में ग्रीष्मोत्सव और शरदोत्सव का आयोजन आजादी के बाद से लगातार होता रहा है। 13 साल पहले ग्रीष्मोत्सव का आयोजन ठप हो गया था। एक साल पहले प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से यह मेला फिर शुरू हुआ। इस बार भी ग्रीष्मोत्सव के आयोजन को लेकर प्रशासन ने नागरिकों के साथ पूर्व में दो बैठकें की। जिसमें तय हुआ कि एक जून से रानीखेत महोत्सव के नाम से आयोजन होगा। लेकिन, तीन दिन पूर्व प्रशासन ने अचानक मेला नहीं होने की बात कहकर लोगों को निराश कर दिया था।
पूर्व विधायक करन माहरा ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में डीएम सविन बंसल से वार्ता की, जिसमें डीएम ने सार्थक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इधर, अब संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत कुमार ने भी मेले के आयोजन को लेकर 16 मई को सुबह 10:30 बजे से नागरिकों की बैठक बुलाई है। इससे महोत्सव शुरू होने की उम्मीद जगी है।