रानीखेत की बेटी बनी दिल्ली की मेयर
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अल्मोड़ा। रानीखेत के निकट सोनी गांव निवासी नीमा भगत पूर्वी दिल्ली की मेयर चुन ली गई हैं। नीमा ने अल्मोड़ा के पल्टन बाजार में किराए में रहकर कई साल पढ़ाई की। उन्होंने एसएसजे परिसर अल्मोड़ा से एमए किया। स्व. माधवानंद उपाध्याय की पुत्री और मूलरूप से रानीखेत के सोनी गांव निवासी नीमा भगत का अल्मोड़ा से गहरा नाता रहा है। एसएसजे परिसर से एमए करने के बाद उनका विवाह हुआ और शादी के बाद वह दिल्ली चली गईं।
दिल्ली में जाने के बाद वह भाजपा से जुड़ गईं। वह दूसरी बार गीता कालोनी से सभासद चुनी गई हैं। इसके बाद वह मेयर चुन ली गई हैं। नीमा भगत की माता देवकी उपाध्याय राज्य आंदोलनकारी रही हैं। उन्होंने नशा नहीं रोजगार दो आंदोलन में सक्रियता से हिस्सा लिया था। नीमा के पूर्वी दिल्ली की मेयर बनने पर नगर वासियों ने खुशी व्यक्त की है।
उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने बताया कि नीमा कॉलेज के दिनों में नशा नहीं रोजगार दो आंदोलन में भी सक्रिय रहीं। पीसी तिवारी के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर लखचौरा, शारदा पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या विनीता शेखर आदि ने भी उनके मेयर बनने पर खुशी जताई है।