रानीखेत (अल्मोड़ा)। ब्रिटिशकालीन इमारतें और कई सड़कें आज भी जस की तस हैं। उसी गुणवत्ता के साथ वर्तमान में भी विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यह बात कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के कमांडेंट ब्रिगेडियर अतेश चहार ने छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में कही।
तय हुआ कि छावनी क्षेत्र में जीर्ण-शीर्ण भवनों की मरम्मत के प्रयास भी होंगे। बैठक में दाखिल खारिज के मामलों का भी निस्तारण किया गया। बोर्ड अध्यक्ष कमांडेंट ब्रिगेडियर अतेश चहार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभासदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं का प्रमुखता से उठाया।
नगर में घूम रहे लावारिस कुत्तों और जानवरों की समस्या भी बोर्ड के सम्मुख रखी गई। कहा कि लावारिस जानवरों ने पर्यटन नगरी की साख पर बट्टा लगा दिया है। इस संबंध में सार्थक कार्रवाई करने की मांग की गई। बैठक में आगामी सत्र में होने वाले विभिन्न विकास कार्यों के लिए बजट प्रस्ताव भी पारित किया गया।
बोर्ड अध्यक्ष ने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। कई कर्मचारियों के एसीपी और लोगों के दाखिल खारिज के मामले भी निस्तारित किए गए। बैठक में उपाध्यक्ष मोहन नेगी, सभासद भुवन आर्य, संजय पंत, सुकृत शाह, विंदु रौतेला, विनोद कुमार, अर्चना पाठक, सचिव सीईओ एनवीएन रेड्डी, एडम कमांडेंट कर्नल सुभ्रांश श्रीवास्तव और कर्नल एसएस जमवाल सहित तमाम अधिकारी मौजूद थे।
छावनी परिषद के सीईओ एनवीएन रेड्डी ने बताया कि कैंट के अंतर्गत संपत्ति हस्तांतरण संबंधी तमाम जानकारियां कैंट बोर्ड की वेबसाइट और सूचना पट पर आम जनता के लिए चस्पा करा दी गई है।