फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेतरतीब फैल रहा सोमेश्वर

Wed, 24 Jun 2015 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, सोमेश्वर (अल्मोड़ा)।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रमुख मोटर मार्गों के किनारे बसे कई कस्बे धीरे-धीरे शहर का रूप लेने लगे हैं, लेकिन इन कस्बों में निर्माण कार्यों को नियंत्रित करने के लिए किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण लोग बेतरतीब ढंग से जहां-तहां मकान और भवनों का निर्माण कर रहे हैं। यदि जल्द ही इनमें सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।
विज्ञापन


जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी की दूरी पर है सोमेश्वर। इस कस्बे और आसपास के क्षेत्रों की आबादी करीब पांच हजार पहुंच चुकी है, लेकिन यह क्षेत्र ग्राम पंचायत के अंतर्गत ही है। यहां तहसील कार्यालय, डिग्री कालेज, पीएचसी, थाना, कई इंटर कालेज सहित कई संस्थान आदि हैं, पर नगर पंचायत तक नहीं बनी है। भीड़भाड़ वाले इस कस्बे में सफाई, शौचालय, पार्किंग समेत किसी तरह की कोई सुविधाएं नहीं हैं।

सड़क सिकुड़ती जा रही है। पानी निकासी का कोई इंतजाम नहीं हैं। सार्वजनिक शौचालय भी नहीं है। सफाई की स्थिति बदतर है। इससे कस्बे में रहने वाले लोगों के साथ ही नौकरी पेशा व्यक्तियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन


अतिक्रमण पर भी कोई अंकुश नहीं
क्षेत्र में तहसील कार्यालय, एक डिग्री कालेज, जीआईसी, जीजीआईसी, पशु अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, किसान सूचना केंद्र, कृषि केंद्र, उद्यान, थाना, छह बैंक शाखाएं, सात प्राथमिक स्कूल, बीआरसी, डाकघर, जिम हॉल आदि हैं। पर शासन प्रशासन इस महत्वपूर्ण कस्बे की ओर कोई ध्यान नहीं देता है। भवनों का बेतरतीब निर्माण हो रहा है। अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है, पर कोई सुधलेवा नहीं है। अब तक यहां नगर पंचायत भी स्थापित नहीं हुई है।

प्रमुख पड़ाव है सोमश्वर
बागेश्वर, बिंता, कौसानी, द्वाराहाट, अल्मोड़ा आदि क्षेत्रों से आने-वाले यात्रियों के लिए सोमेश्वर प्रमुख पड़ाव है। कस्बे में दिनभर चहल-पहल रहती है। पर कस्बे की बसासत के लिए कोई नीति नहीं बनी है। कस्बे में सड़कों के किनारे बेतरतीब निर्माण हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें