द्वाराहाट में दशरथ कैकई संवाद के दृश्यों का मंचन करते कलाकार।
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ग्रामीण इलाकों में रामलीला मंचन देखने के लिए देर रात तक दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है। जमराड़ी बैंड में दशरथ-कैकई, मंथरा-कैकई संवाद का मंचन किया गया। ललित भट्ट ने मंथरा, काजल ने कैकेई, गिरीश सिंह बोरा ने दशरथ के पात्र का अभिनय किया। रामलीला देखने के लिए नौगांव, कनारीछीना, मगंलता, कसाड़बैंड, अनलगांव, बेलवालगांव, बूंगा, नाली, पारखेत, सैंज, खौलसीर आदि गांवों से लोग पहुंच रहे हैं।
सोमेश्वर में लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध, लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण वध आदि प्रसंगों का मंचन हुआ। पनुवानौला में तीसरे दिन सीता स्वयंवर, राम का धनुष तोडना, परशुराम-लक्ष्मण संवाद, सीता स्वयंवर का मंचन देखने के लिए काफी संख्या में दर्शक पहुंचे।
पंकज गैड़ा ने राम, महेंद्र सुयाल ने लक्ष्मण, पारस साह ने सीता, कमलेश बनौला ने विश्वामित्र, कुंदन गैड़ा ने जनक, मनीष नेगी ने परशुराम, अर्जन बनौला ने सुनैना के पात्र का अभिनय किया। दीपू चम्याल ने जोकर की भूमिका निभाई। हारमोनियम पर भुवन चंद्र जोशी, तबले पर पूरन ढैला ने संगत दी।
भगवान राम ने खाए शबरी के जूठे बेर
रानीखेत/द्वाराहाट। चिलियानौला की रामलीला में बुधवार रात राम-शबरी संवाद, राम-सुग्रीव मित्रता, बालि-सुग्रीव युद्ध के दृश्यों का मंचन किया गया। मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख रचना रावत मौजूद थीं। द्वाराहाट में आदर्श रामलीला समिति विजयचौक की ओर से रामलीला में चौथे दिन दशरथ-कैकेई संवाद का मंचन किया गया। दशरथ की भूमिका में शिक्षक हरीश त्रिपाठी, कैकई की भूमिका में गौरव पांडे ने अभिनय किया।