जिले में विभिन्न स्थानों पर रामलीला के आयोजन चल रहे हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गत रात्रि कर्नाटकखोला में देर रात तक रामलीला का आनंद लिया और रावण-कुंभकर्ण संवाद, राम-कुंभकर्ण युद्ध सहित अन्य प्रसंग देखे।
कर्नाटकखोला में कुंभकर्ण वध, मेघनाथ वध, अहिरावण वध और रावण वध की लीला का मंचन किया गया। मुख्यमंत्री हरीश रावत स्टेडियम में शाम को दशहरा महोत्सव के उद्घाटन के बाद रात करीब दस बजे कर्नाटकखोला पहुंचे और उन्होंने करीब बारह बजे तक रामलीला का आनंद लिया। कमेटी के अध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित करके रामलीला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में रामलीला का मंचन बहुत शानदार ढंग से होता है। इस तरह का आयोजन और कहीं देखने को नहीं मिलता। उन्होंने इस परंपरा को और समृद्ध बनाने पर जोर दिया। उन्होंने आयोजकों की भी सराहना की। इस अवसर पर संसदीय सचिव मनोज तिवारी, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, राजेंद्र बाराकोटी, दिनेश कुंजवाल, केवल सती, अशोक पांडे, पूरन चंद्र कर्नाटक, लीलाधर कांडपाल, डा. गिरीश चंद्र जोशी, पूरन चंद्र तिवारी आदि मौजूद थे।
उधर एनटीडी में मेघनाथ-लक्ष्मण युद्ध, लक्ष्मण शक्ति, राम विलाप, हनुमान का संजीवनी लाना, कुंभकर्ण वध, मेघनाथ वध के प्रसंग हुए। गिरीश धवन ने कुंभकर्ण, प्रदीप तिवारी रावण, सोनू मटियानी मेघनाथ, राकेश कुमार ने विभीषण के पात्र का अभिनय किया। सोमेश्वर की रामलीला में लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध, लक्ष्मण शक्ति, हनुमान का संजीवनी लाना, लक्ष्मण का मूर्छा से जागना, कुंभकर्ण वध के प्रसंग मंचित हुए।