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भटकोट में चौबीस सालों के बाद शुरू हुई रामलीला

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चौखुटिया के भटकोट में रामलीला के उद् घाटन के बाद मंचासीन बुजुर्ग। अमर उजाला - फोटो : ALMORA
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। भटकोट में चौबीस साल के बाद फिर से रामलीला शुरू हो गई है। आयोजकों द्वारा रामलीला का उद्घाटन क्षेत्र के बुजुर्गों द्वारा कराया गया है। आयोजकों की इस पहल की सभी लोगों ने प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि यदि हम भगवान राम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर बुजुर्गों द्वारा बताए रास्ते पर चलें तो क्षेत्र, प्रदेश और देश में राम राज्य की स्थापना हो सकती है।
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भटकोट में शुक्रवार से रामलीला का मंचन शुरू हो गया है। रामलीला का उद्घाटन सेवानिवृत्त इतिहास प्रवक्ता नंदन सिंह बिष्ट, उमराव सिंह ठाकुर, महेंद्र सिंह टढियाल, जसवंत सिंह टढियाल, धना देवी, रेवती देवी, मालती देवी, बसंती देवी, गंगा देवी, देवकी देवी, सुरेश चंद्र पंत, पूरन चंद्र पंत, बहादुर सिंह, भगवत सिंह और धनसिंह आदि ने किया। गुजरात के सेवानिवृत्त मुख्य वन संरक्षक भटकोट निवासी सुरेश चंद्र पंत के संरक्षण में हो रही रामलीला को लेकर लोगों में खासा उत्साह है।
रामलीला कमेटी द्वारा क्षेत्र के बुजुर्गों से उद्घाटन कराने से भी लोगों के बीच अच्छा संदेश गया है। आयोजकों का कहना है कि किसी भी क्षेत्र में बड़े बुजुर्गों के आशीर्वाद के बिना सफलता नहीं मिल सकती है। समय की जरूरत है कि लोग बुजुर्गों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें। इसी मकसद से बुजुर्गों के माध्यम से ही उद्घाटन कराने का निर्णय लिया गया। इधर चांदीखेत में रामलीला के चौथे दिन राम को वनवास हो गया है।
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