बागेश्वर के नुमाइशखेत में आयाेजित रामलीला में एक दृश्य का अभिनय करते कलाकार।
बागेश्वर। नुमाइशखेत मैदान में रामलीला मंचन जारी है। देर रात तक चल रहे आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उमड़ रहे हैं। सातवें दिन की लीला में राम-भरत मिलाप, सूर्पनखा नासिक छेदन आदि प्रसंगों का मंचन किया गया।
रविवार की रात को रामलीला की शुरूआत भरत और शत्रुघ्न के ननिहाल से लौटने से हुई। भरत-कैकयी संवाद, भरत-कौशल्या संवाद, शत्रुघ्न-मंथरा संवाद, भरत का राम को मनाने जाना, राम-भरत मिलाप, भरत का खड़ाऊ लेकर लौटना, राम का वन को प्रस्थान, पंचवटी में सूर्पनखा का प्रवेश, सूर्पनखा का राम और लक्ष्मण को रिझाने का प्रयास, राम के इशारे पर लक्ष्मण का सूर्पनखा की नाक काटने तक का मंचन किया गया। सूर्पनखा के पात्र में मनोज कुमान ने आकर्षक नृत्य से दर्शकों का मन मोहा। अन्य कलाकारों ने भी अपने अभिनय से दर्शकों को देर रात तक कार्यक्रम से बांधे रखा।
इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष दीप लाल साह ,नवीन साह, पंकज पांडेय, विजय वर्मा, हरीश सोनी, कंचन साह, उमेश साह, आशीष साह, चेतन नगरकोटी, मनोज जोशी, मनोज पांडेय, विजय परिहार आदि मौजूद रहे।