पर्वतीय महासभा सांस्कृतिक मंच पोखरी नेे प्राइमरी स्कूल दन्यां में राजुला-मालूशाही नृत्य नाटिका का मंचन किया।
कलाकारों ने भावपूर्ण संवादों से राजुला-मालूशाही की जीवन गाथा पेश की। कार्यक्रम देखने को दर्शकों की काफी भीड़ रही। कार्यक्रम का शुभारंभ डीसीबी अध्यक्ष प्रशांत भैंसोड़ा ने किया। उन्होंने कहा कि राजुला-मालूशाही की गाथा पौराणिक, पवित्र प्रेम कथा है। यह सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि समाज से जुड़ी लोकगाथाओं, कथाओं, परंपराओं, लोकगीतों, नृत्यों आदि संस्कृति को आगे बढ़ाने, सहेजने के माध्यम हैं।
महासभा का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने युवा पीढ़ी के अपनी जड़ों से विमुख होने पर चिंता जताई। मंच के निर्देशक दीवान सिंह बिष्ट ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में प्रधान आनंद जोशी, महेश जोशी, बीडीसी सदस्य हरीश जोशी, कुंदन गैड़ा, पूरन बिष्ट, गोविंद पंत, संजय दरम्वाल, हयात सिंह, पुष्पा पुनेठा, पुष्पा जोशी आदि मौजूद थे।