भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। राजीव नवोदय आवासीय विद्यालय चौनलिया में दूसरे दिन भी 29 और बच्चों में बुखार के लक्षण पाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुखार से पीड़ित बच्चों के ब्लड की जांच की और उन्हें दवाइयां दी गईं। डाक्टरों ने कहा कि बुखार से पीड़ित बच्चों की स्थिति ठीक है।
एक तरफ विद्यालय में शुद्ध पानी की आपूर्ति नहीं होती दूसरी ओर वहां सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है। माना जा रहा है कि इन्हीं कारणों से बच्चे बीमार हुए हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजी गई टीम ने विद्यालय में सफाई की। मालूम हो कि राजीव नवोदय आवासीय विद्यालय चौनलिया में पिछले कुछ दिनों से वायरल बुखार फैला हुआ है। सूचना मिलने के बाद रविवार को सीएमओ डा.आरसी पंत के नेतृत्व में पहुंची डाक्टरों की टीम ने 103 बच्चों की जांच करके उन्हें दवाइयां बांटी।
बुखार से पीड़ित 45 बच्चे रविवार को अपने घर चले गए। बाकि बच्चों की हालत अब बेहतर है। इधर सोमवार को भिकियासैंण से आए डा. रंजन और डा. नंद लाल शुक्ला के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों ने 29 और बच्चों के रक्त की जांच की। इनमें बुखार के लक्षण पाए जाने पर इन बच्चों को भी दवा दी गई है।
इधर मुख्य चिकित्साधिकारी डा.आरसी पंत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने सोमवार को विद्यालय में पहुंचकर शौचालयों, नालियों आदि की सफाई की। इधर एसडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने सोमवार को दोबारा विद्यालय भी स्थिति का जायजा लिया और विद्यालय में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि बुखार से पीड़ित बच्चों का उपचार चल रहा है और स्थिति अब सामान्य है। अल्मोड़ा से पहुंचे डीईओ माध्यमिक एचबी चंद ने भी विद्यालय में प्रभारी प्रधानाचार्य और शिक्षकों के साथ बैठक करके व्यवस्थाओं को देखा। बुखार से पीड़ित दो और बच्चे सोमवार को घर चले गए। अब तक बुखार से पीड़ित 47 बच्चे घर लौट चुके हैं। जल संस्थान कर्मियों ने पानी की जांच की। उनका कहना है कि पानी प्रदूषित नहीं है।
अल्मोड़ा। राजीव नवोदय आवासीय विद्यालय चौनलिया में भारी अव्यवस्था है। हॉस्टल में 286 बच्चे रहते हैं लेकिन इतने बच्चों पर सिर्फ एक सफाई कर्मचारी तैनात है जिससे वहां गंदगी रहती है। शौचालय भी अच्छी तरह साफ नहीं रहते। कई स्थानों पर भारी दुर्गंध आती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि गंदगी के कारण भी इस तरह की बीमारियां फैलने का अंदेशा बना रहता है।
अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री हरीश रावत के गृह क्षेत्र में स्थित इस नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को आज तक शुद्ध पानी नसीब नहीं है। कुछ साल पहले विद्यालय के लिए हऊली से पानी की योजना मंजूर हुई, लेकिन ग्रामीणों ने वहां से पानी ले जाने का विरोध किया। अब जल संस्थान एक गधेरे से सीधे पंपिंग करके पानी की आपूर्ति करता है, लेकिन इस पानी को शुद्ध करने की कोई व्यवस्था नहीं है। दो साल पहले भी दूषित पानी पीने से दर्जनों बच्चे डायरिया से पीड़ित हो गए थे।