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ताउते तूफान की नमी पहुंची उत्तराखंड, 21 मई तक जारी रहेगी बारिश

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अल्मोड़ा। जनपद में बुधवार सुबह से ही बारिश हो रही है। अल्मोड़ा में लगातार बूंदाबांदी जारी है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड का प्रकोप पड़ गया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार ये बारिश ताउते तूूफान, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और बंगाल में बने चक्रवात के मिलने का असर है।
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मई में हो रही बारिश का क्रम जारी है। बुधवार की सुबह से ही अल्मोड़ा में चौमास की तरह बादल छा गए। सुबह जो बूंदाबांदी शुरू हुई वह पूरे दिन जारी रही। ठंड से बचने के लिए लोगों को स्वेटर और रजाई का सहारा लेना पड़ गया। सर्दी इतनी बढ़ गई कि अलाव भी जलाने पड़ गए।
जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर के मौसम विज्ञानी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि गुजरात में जो ताउते तूफान आया है उसकी नमी उत्तराखंड तक पहुंच रही है। इसके अलावा इस समय यहां पर पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। साथ ही बंगाल में चक्रवात बना हुआ है। इसकी भी नमी का असर यहां देखने को मिल रहा है। इस वजह से उत्तराखंड में बारिश का दौर 21 मई तक जारी रहेगा। बताया कि अल्मोड़ा जनपद में 20 और 21 मई को मध्यम बारिश होने की संभावना है और 30 से 40 मिमी तक बारिश हो सकती है। इधर बारिश की वजह से खेतों में और भी नमी बन गई है। साथ ही मई माह में हो रही बारिश जंगलों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।
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सुरक्षा के मद्देनजर सिंचाई विभाग ने बैजनाथ झील के गेट खोले
गरुड़ (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र में बुधवार के तड़के से झमाझम बारिश हो रही है। बारिश से गरुड़ गंगा और गोमती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बारिश के मद्देनजर सिंचाई विभाग ने बैजनाथ झील के सभी गेट खोल दिए है।
तहसील क्षेत्र के ग्वालदम, कौसानी, गरुड़, डंगोली, कंधार, लौबांज, गागरीगोल, वज्यूला में सुबह से झमाझम बारिश हो रही है। बारिश से गरुड़ गंगा और गोमती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। खेतों में कटे गेहूं के ढेर बारिश से भीग गए हैं। सिंचाई विभाग के एई एससी सती ने बताया कि विभाग ने झील के सभी गेट खोल दिए है। उन्होंने ग्रामीणों से झील के आसपास न जाने को कहा है।
जंगली जानवरों का रुख आबादी की ओर
गरुड़ (बागेश्वर)। बारिश और ठंड बढ़ने से तेंदुए, जंगली सुअर सहित अन्य जंगली जानवरों का रुख आबादी की ओर बढ़ रहा है। गैरलेख, ककड़धार, कज्यूली, ग्वाड़ पेजना, कंधार, पिंगलों, मैगड़ीस्टेट, कौसानी, रतमटिया, माल्दे, पचना, बिमोला आदि गांवों में तेंदुए दिन में आबादी में निडर होकर घूम रहे हैं। सिमसाल के ग्रामीणों ने बताया कि जंगली घुरुड़ों का एक झुंड बुधवार को दिखाई दिया। वन रेंजर हरीश खर्कवाल ने ग्रामीणों से आबादी में दस्तक दे रहे जंगली जानवरों के साथ छेड़छाड़ न करने के एिल कहा है।
बागेश्वर में दिनभर होती रही बारिश
बागेश्वर। बागेश्वर में बुधवार की दिनभर बारिश होती रही। बारिश के कारण ठंड का असर बढ़ गया है। लगातार हो रही बारिश से प्री मानसून का सा एहसास हो रहा है। बागेश्वर में मंगलवार की रात 12 बजे के बाद ही बारिश होने लगी थी। बुधवार तड़के से शाम तक लगातार बारिश होती रही। बारिश के कारण जनजीवन पर असर व्यापक असर पड़ा। कर्फ्यू में ढील के दौरान लोग छाता लेकर घर से निकले। जिला मुख्यालय के साथ ही कांडा, कपकोट, गरुड़, कौसानी में दिनभर बारिश होती रही। बारिश को धान की बुवाई के लिए मुफीद माना जा रहा है। असिंचित क्षेत्रों में लोग धान की बुवाई करने लगे हैं। जिले में 80 प्रतिशत खेती बारिश पर निर्भर है। यानी कृषि के कुल रकबे का 80 प्रतिशत क्षेत्र असिंचित है। इधर मई में लगातार बारिश ने कई दशकों के रिकार्ड तोड़ दिए हैं। बुजुर्ग भी मान रहे हैं कि इससे पहले मई में इतनी बारिश कभी नहीं देखी।
रानीखेत में भी दिनभर जमकर बरसे मेघ
रानीखेत। मंगलवार रात को मौसम ने अचानक करवट बदली और झमाझम बारिश शुरू हो गई। बुधवार को देर शाम तक बारिश का सिलसिला जारी रहा। अलबत्ता बारिश के चलते मई माह में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। बारिश और ठंड के कारण सर्दी जुकाम के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी होने की आशंका बन रही है।
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