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बारिश से अलग थलग पड़े गोमती घाटी गांव

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गोमती नदी का रौद्र रूप। - फोटो : GARUD
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गरुड़ (बागेश्वर)। रविवार शाम हुई तेज बारिश से गोमती घाटी में चार दर्जन से अधिक मकान खतरे की जद में आ गए हैं। उधर, बैजनाथ में एक आवासीय मकान पूर्ण रुप से ध्वस्त हो गया है। मजकोट में पांच मवेशी नदी में समा गए है। गोमती के उफान भरने से सौ नाली जमीन में बोई फसल मलबे से पट गयी है। वहीं राजपानी के पांच घरों के खतरे की जद में आने पर प्रशासन ने परिवारों को विस्थापित कर दिया है।
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रविवार रात से हुई मूसलाधार बारिश से जूनियर हाईस्कूल माल्दे का भवन पानी में जलभराव हो गया। इसके अलावा स्कूल की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई। बैजनाथ मंदिर की सीढ़ियाें तक पानी नदी का पानी पहुंचने से मंदिर परिसर के पास हाल ही में बनी लाखों रुपये की दीवार और रैलिंग नदी में समा गई। बारिश से बिनखोली के पास पचगढ़ी नाले में बनी पुलिया के अपरमेंट क्षतिग्रस्त हो गये है।
तेज बारिश से बैजनाथ निवासी शिव गिरी का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। इधर कौसानी में देवेंद्र कुमार पुत्र बची राम का दो मंजिला मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। मवई गांव में ईश्वर सिंह परिहार की गौशाला टूट गई है। एसडीएम गरुड़ जयवर्धन शर्मा, गोमती घाटी परिवारों, भाजपा जिला महामंत्री शिव सिंह बिष्ट ने गांवों का दौरा कर बारिश और भूस्खलन से हुई क्षति का जायजा लिया। गोमती के उफान भरने से गौ सदन गढ़सेर में पल रही सौ पशुओं को गौसदन के स्वंयसेवकों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
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इन गांवों में हुआ नुकसान
तेज बारिश से ह्वील कुलवान, छत्यानी, मजकोट, जवड़ास्टेट, गैरलेख, पथरिया, सिरकोट, राजपानी, चौरसो, रौल्याना, सेलाबगड़, जखेड़ा, राजपानी, गनीगांव आदि गांवों में छह दर्जन से अधिक घरों में दरारें आ गई हैं।
गोमती में इतना पानी आज तक किसी ने नहीं देखा
गरुड़(बागेश्वर)। अधिक से अधिक वर्षा में भी गोमती में 10,000 क्यूसेक पानी नापा गया लेकिन रविवार रात हुई बारिश के बाद नदी में 25331.24 क्यूसेक पानी मापा गया। लोगों को मानना है कि रविवार रात ह्वील कुलवान में बादल फटा है। हालांकि प्रशासन ने इसे सिरे से नकारा है।
समूचे तहसील क्षेत्र में रविवार की रात 2 बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हो गयी थी। बारिश सोमवार के सुबह साढ़े सात बजे बाद बंद हुई। गोमती घाटी के ह्वील कुलवाल के ग्रामीणों का कहना है कि ह्वील कुलवान में सोमवार के सुबह 8 बजे बादल फटने की आवाज के बाद गोमती नदी का जल स्तर एकाएक बढ़ गया था। सिंचाई उप खंड बैजनाथ के एई एससी सती का कहना है कि बैजनाथ बैराज के पास सोमवार सुबह नौ बजे नदी में 25331.24 क्यूसेक पानी नापा गया। जबकि अधिक से अधिक बारिश में गोमती में दस हजार क्यूसेक पानी आज तक नापा गया है। सिंचाई विभाग और कृषि विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि जितना पानी देखा गया उतना गोमती घाटी का भूभाग नहीं है। बैजनाथ धाम के महंत पूरन गिरी, सामाजिक कार्यकर्ता जीवन लाल वर्मा, और बच नाथ का कहना है कि उन्होंने गोमती में इतना पानी आज से पहले कभी नहीं देखा।
कोट - गोमती नदी में रविवार रात और सुबह अतिवृष्टि हुई। अतिवृष्टि से गोमती का जलस्तर एकाएक बढ़ा है। गोमती घाटी क्षेत्र का मौका मुआयना किया। बादल फटने जैसी कोई घटना नहीं हुई है। - जयवर्धन शर्मा, एसडीएम गरुड़
बारिश से अलग-थलग पड़े गोमती घाटी गांव
गरुड़ (बागेश्वर)। गोमती घाटी में तेज बारिश से होने और घाटी के अधिकांश मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद होने से घाटी के गांव अलग- थलग पड़ गये है। अधिकांश पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त होने से सोमवार को घाटी के गांवों पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पायी। बारिश से कंधार परकोटी, ह्वील कुलवान ,छत्यानी मजकोट मोटर मार्ग में जगह- जगह भूस्खलन होने से मोटर मार्ग यातायात के लिए पूर्ण रुप से बंद हो गए है। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष इंद्र सिंह बिष्ट, भाजपा के जिला महामंत्री शिव सिंह बिष्ट, गोमती घाटी विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष इंद्र सिंह रावत ने जिला प्रशासन से गोमती घाटी के सभी बंद मोटर मार्गों को यातायात के लिए खोलने को कहा है।

गोमती घाटी ह्वील कुलवान्न में तबाही का मंजर।- फोटो : GARUD

बैजनाथ में बारिश से ध्वस्त मकान।- फोटो : GARUD

बारिश के बाद भूस्खलन से बंद हुआ कंधार रोलियान मोटर मार्ग।- फोटो : GARUD

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