अल्मोड़ा। जिले में खरीफ के सीजन में कुल 79520 हेक्टेयर क्षेत्र में धान समेत अन्य फसलें बोई गई हैं। इस सीजन में 120 मिमी बारिश हो चुकी है।
जिले में कृषि का कुल 1.18 लाख हेक्टेयर रकबा है। इसमें से 19 हजार हेक्टेयर में धान, 36 हजारा हेक्टेयर में मडुवा, 13 हजार हेक्टेयर में मादिरा, झुंगरा, 8500 हेक्टेयर में दलहन, 1020 हेक्टेयर में तिलहन और दो हजार हेक्टेयर में मक्का की फसल बोई गई है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि सिंचित और असिंचित क्षेत्रों में इस बार पर्याप्त बारिश हुई है। खरीफ के सीजन में कुल 300 मिमी बारिश की जरूरत होती है। 120 मिमी बारिश हो चुकी है, जो कि फसलों के लिए ठीक है।
क्षतिग्रस्त डेढ़ दर्जन नहरें नहीं सुधर सकीं
अल्मोड़ा। सिंचाई विभाग के अल्मोड़ा खंड में डेढ़ दर्जन नहरें साल से क्षतिग्रस्त हैं। इस कारण सिंचित क्षेत्रों की खेती भी बारिश पर निर्भर है। अल्मोड़ा खंड से जुड़े हवालबाग, ताकुला, लमगड़ा, धौलादेवी, भैंसियाछाना ब्लॉक में कुल 128 नहरें हैं। इनकी कुल लंबाई 324 किमी हैं। इनमें से स्रोत सूखने के कारण विभाग 12 नहरों का परित्याग कर चुका है। अब 18 नहरें क्षतिग्रस्त हैं। आपदा, सड़कों के निर्माण आदि कारणों से नहरें हेड समेत अन्य स्थानों पर क्षतिग्रस्त हैं। इस कारण सिंचित क्षेत्र के किसानों की खेती भी बारिश पर निर्भर है। सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि नहरों को सुधारने और रखरखाव के लिए सरकार को 3.46 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन बजट न मिलने से नहरों का सुधारीकरण नहीं हो पा रहा है।