शरदोत्सव में सूफियाना बयार बहाते प्रख्यात कव्वाल निजामी बंधु। अमर उजाला
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। शरदोत्सव में रविवार की रात प्रख्यात सूफी गायक चांद निजामी बंधुओं के नाम रही। ‘भर दो झोली मेरी या मोहम्मद लौट कर मैं न जाऊंगा खाली’ और ‘मेरे रश्के कमर तूने पहली नजर’ जैसी सूफी कव्वालियों के माध्यम से जहां उन्होंने दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया, वहीं दिल दिया है जां भी देंगे ए वतन तेरे लिए गीत के माध्यम से देशभक्ति के रंग भी भरे।
छाप तिलक सब छीनी रे, दमादम मस्त कलंदर अली दा पहला नंबर सहित तमाम कव्वालियों और गीतों ने रानीखेत वासियों को झूमने पर विवश कर दिया। दिल्ली से आए निजामी बंधुओं को सुनने के लिए दर्शक बेताब नजर आए। निजामी बंधुओं ने शायराना और सूफी अंदाज की एक से बढ़कर एक कव्वालियां प्रस्तुत कीं। दर्शकों की फरमाइश पर भी उन्होंने कव्वालियां पेश कीं। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने चांद निजामी बंधुओं की कव्वालियों की प्रशंसा की और अल्मोड़ा महोत्सव में आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने उनकी पूरी टीम को सम्मानित भी किया।