अल्मोड़ा। बारिश के बाद कोसी नदी किनारे स्थापित जल संस्थान के पंप स्टेशन क्षेत्रों में कई टन मलबा जमा हो गया है। मलबा, गाद भर जाने से पंपिंग स्टेशन में लगी मोटरें खराब हो गई हैं। जल संस्थान मशीनों की मरम्मत करने में जुटा है।
मोटरें जल्द दुरुस्त हो भी गईं तो पंपिंग क्षेत्र में भारी गाद जमा होने से फिलहाल पानी की सप्लाई होना मुश्किल है। जिस कारण शहर और आसपास की करीब एक लाख आबादी को दो दिन से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है। जल संस्थान के मुताबिक मंगलवार से पहले पानी की आपूर्ति होना संभव नहीं है।
शुक्रवार शाम को तेज बारिश होने से कोसी नदी उफना गई थी। बैराज के गेट बंद होने से काफी दूर से बह कर आया मलबा, पेड़, झाड़ियां, पॉलिथीन, प्लास्टिक कचरे आदि से कोसी बैराज क्षेत्र पट गया। मलबा जमा होने से नदी में कई स्थानों पर डेल्टा बन गए हैं।
मलबे के चलते जल संस्थान के तीन, आईटीबीपी के एक पंपिंग स्टेशन के पास नदी का पानी काफी नीचे चला गया है। पानी भीतर ही रिस कर काफी दूर तो निकल रहा है, पर पंपिंग स्टेशनों के पास पानी जमा न होने से समस्या पैदा हो गई है। जल संस्थान पंप स्टेशनों के पास नदी का मलबा हटाने के प्रयास कर रहा है, ताकि नदी से पंपों के जरिए पानी खींचा जा सके।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नंदकिशोर ने बताया कि मलबे और पानी से मोटरें खराब हो गई हैं। तकनीशियन इन्हें दुरुस्त करने में जुटे हैं। जमा मलबा भी निकाला जा रहा है, ताकि पानी का जरूरी लेबल मिलने के बाद पंपों से पानी खींचा जा सके। इस काम में अभी दो से तीन दिन लगेंगे। सब कुछ ठीक रहा तो मंगलवार से ही पानी की आपूर्ति हो सकेगी।