रानीखेत (अल्मोड़ा)। उप जिला चिकित्सालय में अब मानसिक रोगियों को उपचार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। लंबे समय से मानसिक रोग विशेषज्ञ की कमी से मरीजों को अल्मोड़ा सहित अन्य शहरों में जना पड़ता था। बच्चों और महिलाओं के मानसिक रोग से जुड़े विकलांग प्रमाण पत्र नहीं बन पाने से परेशानी और बढ़ जाती थी।
यह मुद्दा तहसील रानीखेत में आयोजित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम में उठाया गया। संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत, गौरी प्रभात ने अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद अब हर माह के दूसरे बुधवार को राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान, अल्मोड़ा से मानसिक रोग विशेषज्ञ रानीखेत पहुंचकर मरीजों को सेवाएं देंगे। साथ ही मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के विकलांग प्रमाणपत्र भी मौके पर ही बनाए जाएंगे। बुधवार को आयोजित पहले शिविर में डॉ. निधि और डॉ. बीना विश्वकर्मा ने अस्पताल में सेवाएं दीं। संवाद