जिला विकास प्राधिकरण के विरोध में सर्वदलीय संघर्ष समिति से जुड़े सदस्यों ने चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया और नारेबाजी कर विरोध जताया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्राधिकरण के सभी मानक पहाड़ के छोटे शहरों, कस्बों के लिए किसी भी दशा में उपयोगी नहीं हैं। सरकार केवल अपने फायदे के लिए प्राधिकरण थोप रही है।
सरकार को जनता को हो रही आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों की कोई चिंता नहीं है। जनता को भारी भरकम राशि चुकाकर भवन का मानचित्र स्वीकृत कराना पड़ रहा है। यदि सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों के प्राधिकरण को पुन: सर्वे होने तक स्थगित नहीं किया गया तो समिति लोकसभा चुनाव में पर्वतीय क्षेत्र की जनता को साथ लेकर सरकार के विरोध में आंदोलन करने को बाध्य होगी।
बताया गया कि आंदोलन को एक साल पूर्ण होने पर 25 फरवरी को नगर में विशाल जुलूस निकलेगा। जिसमें अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, द्वाराहाट, रानीखेत, मजखाली, सल्ट, भतरौंजखान, भनोली आदि स्थानों से लोग हिस्सा लेंगे।
धरने पर संयोजक प्रकाश चंद्र जोशी, लक्ष्मण सिंह, प्रताप सत्याल, आनंदी वर्मा, लीला खोलिया, सुनयना मेहरा, चंद्रशेखर सिराड़ी, आनंद ऐरी, पूरन तिवारी, सीके जोशी, रमेश नेगी, हर्ष कनवाल, विनोद तिवारी, रमेश कांडपाल, ललित मोहन पंत, मनोज कुमार, राजू गिरी, अख्तर हुसैन, मनीष जोशी, मो. शब्बीर, अंबी राम, पीजी गोस्वामी, केवश दत्त कांडपाल, मनोज सनवाल, यूसूफ तिवारी बैठे। सभासद हेम तिवारी, शिव राम, भारत रत्न पांडे, पत्रकार राजेंद्र रावत ने धरने को समर्थन दिया।