सीएचसी सेंटर के बाहर प्रदर्शन करते जनप्रतिनिधि और अन्य। संवाद
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। सीएचसी से गर्भवती महिलाओं को सीधे रेफर कर देने और स्टाफ के कथित अभद्र व्यवहार से आक्रोशित जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य केंद्र के बाहर धरना प्रदर्शन कर शीघ्र मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। 12 नवंबर से जनप्रतिनिधि और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्थाओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
जिला पंचायत सदस्य अंजू जोशी ने आरोप लगाया कि द्वाराहाट स्वास्थ्य केंद्र में रोगियों और तीमारदारों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता। गर्भवती महिलाओं को सीधे रेफर किया जा रहा है। एक माह के भीतर दो महिलाओं को पहले भर्ती किया गया, फिर देर शाम उन्हें रेफर कर दिया गया। एक मामले में रास्ते में ही प्रसव हो गया था। 10 नवंबर को एक बीपीएल परिवार की महिला को दिन भर भर्ती करने के बाद देर रात रानीखेत ले जाने को कह दिया गया। इससे वहां लोगों में भारी आक्रोश है। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी ने शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। धरना प्रदर्शन करने वालों में चंद्रशेखर जोशी, ग्राम प्रधान संगठन प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र अधिकारी, नायल प्रधान संतोष चौधरी, बिजेपुर के योगेश भट्ट, मल्ली मिरई की रेखा गोस्वामी, बेढुली की सीनू आर्या, कौंला की विमला आर्या, ऐराडी के गोविंद ऐरडा, कफडा के दिनेश कबडवाल, तल्ली कहाली के रमेश चंद्र, बसेरा के भूपाल गिरी, बनोली सरपंच प्रकाश चंद्र बुधोड़ी आदि शामिल थे।