झड़गांव के लोगों ने कहा, हमारे लोगों की जान ले रहे वन्यजीव, हम पर ही हो रहा केस
संवाद न्यूज एजेंसी
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट में हाईवे पर जाम लगाने वाले लोगों पर केस दर्ज होने से ग्रामीणों का पारा चढ़ गया है। उनका कहना है कि वन्यजीवों के हमले में हमारे लोग जान गंवा रहे हैं। जब हम अपनी सुरक्षा की मांग के लिए सड़कों पर उतरे तो हम पर ही केस किया जा रहा है जो गलत है।
ग्राम पंचायत झड़गांव के तया तोक निवासी यशवंत सिंह की पत्नी कमला देवी को जंगली जानवर ने आठ फरवरी को मार दिया था। इस घटना के बाद क्षेत्र में लगातार बाघ की सक्रियता से नाराज ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगाया। एनएच जाम करने पर पुलिस ने सल्ट थाने में 15 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से झड़गांव और आसपास के लोगों में खासा आक्रोश है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि क्षेत्र के लोग जंगली जानवरों के हमले में आए दिन काल का ग्रास बन रहे हैं। वन विभाग वन्यजीवों से हमारी सुरक्षा करने में नाकाम साबित हो रहा है। जब हम अपनी सुरक्षा की मांग करते हैं तो हमारे खिलाफ ही केस दर्ज किया जा रहा है जो गलत है।
चार कोट सचित्र
बोले लोग
मैंने अपनी पत्नी को खोया है। लंबे समय से हम वन्यजीवों से सुरक्षा की मांग कर रहे थे लेकिन हमारी नहीं सुनी गई। नतीजतन मेरी पत्नी को काल का ग्रास बनना पड़ा। - यशवंत सिंह।
हमारी सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई जिससे हमारे गांव की एक महिला को जान गंवानी पड़ी। अब हमारे खिलाफ ही कार्रवाई करना पुलिस-प्रशासन की नाकामी है। - नारायण सिंह रावत।
हम तो अपनों की सुरक्षा की मांग पर सड़क पर बैठे। मांग पूरी करने के बजाय ग्रामीणों पर केस दर्ज करना हम सभी के लिए बेहद निराशाजनक है। - घनानंद शर्मा।
हमारे लोग कब तक वन्यजीवों के हमले में मारे जाएंगे। अब हम अपनी सुरक्षा की आवाज भी नहीं उठा सकते। अगर ऐसा करते हैं तो ग्रामीणों को डराया जाएगा। - मोहन चंद्र शर्मा।
फोटो- 24 एएलएम 24 पी- यशवंत सिंह।
फोटो- 24 एएलएम 25 पी- नारायण सिंह रावत।
फोटो- 24 एएलएम 26 पी- घनानंद शर्मा।
फोटो- 24 एएलएम 27 पी- मोहन चंद्र शर्मा।