मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट क्षेत्र में हाइवे से अतिक्रमण हटाने के विरोध में लोगों के साथ व्यापारी सड़कों पर आ गए। गुस्साए लोगों ने विकासखंड मुख्यालय पर जुलूस निकालते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जिस सड़क के लिए उन्होंने अपनी जमीन दी, आज उस पर अतिक्रमण के नाम पर उनके मकानों और दुकानों को तोड़ा जा रहा है जिसका कड़ा विरोध किया जाएगा। इधर, क्षेत्र के स्थानीय बाजार बंद रहे।
सोमवार को सल्ट के साथ ही हाइवे पर स्थित डोटियाल, झिमार, पैसिया, नौकुचिया, कालीगांव, जालीखान, मौलेखाल, शशिखाल, नौपटुवा, हिनोला बाजार में बसे लोग और व्यापारी विकासखंड मुख्यालय पर एकत्र हुए और मुख्य बाजार में जुलूस निकाला। इसके बाद लोग तहसील कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम के पेशकार जगदीश नेगी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। चेतावनी दी कि यदि उन्हें राहत नहीं मिली और उनकी मर्जी के खिलाफ जबरन अतिक्रमण हटाया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सभी स्थानीय बाजार बंद रहे और यहां सन्नाटा पसरा रहा। बाजार बंद होने से खरीदारी को दूर-दराज से पहुंचे लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि तीन घंटे बाद आंदोलन समाप्त होने पर व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोलकर लोगों को राहत पहुंचाई। संवाद
संघर्ष समिति का किया गठन
मौलेखाल। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण हटाने का विरोध करने के लिए बैठक कर सल्ट विकास संघर्ष समिति का गठन किया। इसमें नारायण सिंह अध्यक्ष, रवि मेहता सचिव, मोहन चंद्र तिवाड़ी कोषाध्यक्ष, घनानंद शर्मा महामंत्री, संतोष कुमार मीडिया प्रभारी, चंदन सिंह जलाल सलाहकार, मीनाक्षी देवी उपाध्यक्ष चुने गए। इसके अलावा समिति के छह सदस्य मनोनीत किए गए।
एक सितंबर से धरना, अतिक्रमण हटाने पहुंचे तो होगा विरोध
मौलेखाल। बैठक में अतिक्रमण हटाने के विरोध में एक सितंबर से तहसील परिसर में धरना शुरू करने का निर्णय लिया गया। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने कहा कि यदि इस दौरान लोनिवि जेसीबी सहित अतिक्रमण हटाने पहुंचे तो सभी लोग एकजुट होकर इसका विरोध करेंगे और इसे रोकेंगे।
ये रहे शामिल
व्यापार मण्डल अध्यक्ष घनानन्द शर्मा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, सरपंच घनानन्द शर्मा, शोबन सिंह बोरा, ग्राम प्रधान खुमाड़ इन्द्र सिंह, अमित रावत, विजय कुमार, चन्दन राम, रवि मेहता, रमेश राम, योगेंद्र अधिकारी, भुवन अधिकारी, रमेश पाल मुहारी, अजय पाल रावत, जयपाल रावत, दीप चन्द्र भट्ट, मोहन चन्द्र तिवाड़ी, राधा देवी, सरस्वती देवी, आनन्द सिंह, सन्तोष कुमार, प्रकाश भण्डारी, पंकज ध्यानी, मंजू देवी, हीरा देवी, बबीता देवी, सरला देवी, शान्ती देवी, हयात सिंह, चन्दन सिंह, पुष्पा देवी, अनुली देवी, चना देवी आदि मौजूद रहे।