राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैंत्यूरा ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के लिए महिला शिक्षा, जागरूकता को बढ़ावा देना होगा। जीजीआईसी में घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण विषय पर हुई गोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की जरूरत है।
कैंत्यूरा ने कहा कि परिवार बच्चों को अच्छे संस्कार दें, ताकि महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा हो और पुरुष भी महिलाओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बेहतर शिक्षा, कानूनी जानकारी देने से ही महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। कैंत्यूरा ने कहा कि महिलाएं स्वयं को कमजोर समझने के बजाए मजबूती से आगे बढ़ें।
जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती महरा, आयोग की सदस्य सचिव सुजाता, महिला संस्था की रीता दुर्गापाल, सुनीता पांडे, बीएन सिंह, डॉ. इला शाह, डीपीओ पीएस बृजवाल, लीला टम्टा, दीपा पाटनी, सुनीता सिंह, धनी शाही, मनोज सनवाल आदि ने विचार रखे।
वक्ताओं ने महिला उत्पीड़न रोकने को जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को कानून तो बने हैं, पर जानकारी न होने से लाभ नहीं मिल रहा है। संचालन मीता उपाध्याय ने किया। वहां महिलाओं, छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।