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नव उदारवादी आर्थिक नीतियों ने पैदा किया कृषि संकट

Tue, 31 May 2016 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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किसान हितों की हो रक्षा - फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। कृषि कार्यों में अनुदान कटौती वापस लेने समेत किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के लोगों ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि आज ही के दिन 30 मई 1930 को रवाई कांड में टिहरी रियासत के जुल्मों के खिलाफ लड़ते हुए करीब 200 किसान गोलियों के शिकार हुए थे। उन्होंने शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी और नई चुनौतियों से लड़ने के लिए किसानों से एकजुट होने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि वैश्विक दौर में नव उदारवादी आर्थिक नीतियों ने कृषि संकट पैदा किया है। विभिन्न सरकारों द्वारा कृषि क्षेत्र की उपेक्षा और कृषि में निवेश की अनिच्छा ने उत्तराखंड में कृषि संकट और भी गहराया है। उन्होंने कहा कि बेहद सीमित कृषि योग्य भूमि में किसान बिना सरकारी निवेश और सहायता के फसलोत्पादन करते हैं। इसके बावजूद किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचा पाना मुश्किल हो रहा है।

साल भर मेहतन करने के बावजूद जंगली जानवर किसानों की फसल को नष्ट कर देते हैं। बाद में डीएम के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। धरने में एमसी आर्या, रघुवर दत्त जोशी, सुशीला तिवारी, यूसुफ तिवारी, सुनीता पांडे, किशन भंडारी, नंदाबल्लभ, डूंगर सिंह भाकुनी, अनिल कुमार, ईश्वर जोशी, गणेश, विशन दत्त, योगेश कुमार टम्टा, गोविंद सिंह, शिवराज सिंह, मोहन चंद्र पांडे आदि बैठे। अध्यक्षता रघुवर दत्त जोशी और संचालन राजेंद्र प्रसाद जोशी ने किया। 
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