रंगोली हाल में निरंकारी महिला संत समागम का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता देहरादून से आईं ज्ञान प्रचारक सुशीला रावत ने कहा कि महिलाओं को आध्यात्म से जोड़कर उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की जरूरत है। कहा कि महिलाओं के सम्मान से ही देश की प्रगति संभव है।
संत समागम में बड़ी संख्या में लोग जुटे। मुख्य वक्ता सुशीला रावत ने महिला सशक्तीकरण के लिए और अधिक प्रयास करने पर जोर दिया। कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी और उन्हें सम्मान दिया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि मानवता से बड़ा दूसरा कोई भी धर्म नहीं है, सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। कहा कि मिशन का उद्देश्य लोगों को परमात्मा का बोध कराना रहा है।
सभी को प्राणी की सेवा के लिए आगे आना होगा। जिला संयोजक केएस रेकुनी ने भी समागम के उद्देश्य बताए और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में अध्यात्म से जुड़ने पर जोर दिया। समागम में चार सौ से अधिक लोग पहुंचे थे। इस अवसर पर कुंदन लाल, निरविकार सिंह, दीपा पांडे, जगदीश कुमार, मीना आर्या, स्नेहा, आरती बिष्ट, गणेश कोहली, मीना भट्ट सहित तमाम लोग मौजूद थेे।