रानीखेत के निकट नानीसार गांव की सैकड़ों नाली भूमि निजी हाथों सौंपे जाने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नाराज लोगों ने नानीसार बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बृहस्पतिवार को अल्मोड़ा में जुलूस निकाला।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों की सहमति लिए बगैर गोचर, पनघट, वन पंचायत की 353 नाली भूमि कौड़ियों के भाव एक उद्यमी के हवाले करने के पीछे बड़ी डील हुई है।
चौघानपाटा से शुरू हुए जुलूस में शामिल लोग मालरोड, मुख्य बाजार होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। जुलूस में शामिल प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे।
कलक्ट्रेट में हुई सभा में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि वनभूमि की मंजूरी नहीं मिल पाने से कई विकास कार्य वर्षों से लटके हैं।
सरकार ने नानीसार में 353 नाली भूमि ग्रामीणों की सहमति और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बगैर जल्दबाजी में एक उद्यमी को सौंप दी। इससे भूमि आवंटन में बहुत बड़ा घोटाला होने की आशंका है।
वक्ताओं ने सरकार से भूमि का आवंटन निरस्त करने और गलत रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर भूमि आवंटन रद्द करने की मांग की।
जुलूस और सभा में आनंदी मनराल, आनंदी वर्मा, जीवन चंद्र, राजेंद्र सिंह, जीवन सिंह, मनोज सिंह, खीम राम, दीवान सिंह, नरेंद्र सिंह, गणेश सिंह, मोहन सिंह, हिमांशु राना, तेज सिंह, करन सिंह, गीता देवी, जानकी, तारा राना, सुनैना राना आदि शामिल थे।