डॉक्टरों के लिए चल रहे आंदोलन की उपेक्षा से गुस्साए आंदोलनकारी सोमवार को सड़क पर उतर आए। जुलूस प्रदर्शन के साथ शासन-प्रशासन का पुतला फूंका गया। इस दौरान वृहद आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग को लेकर बीडीसी सदस्य नारायण अधिकारी के साथ लोगों का आंदोलन पिछले छह दिनों से चल रहा है। आंदोलन को बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिल रहा है।
बता दें कि द्वाराहाट स्वास्थ्य केंद्र 32 बेडों का अस्पताल है। यहां डाक्टरों के 11 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में मात्र तीन डॉक्टर ही तैनात हैं। यहां महिला, शिशु, हड्डी जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं। बीडीसी सदस्य नारायण सिंह अधिकारी लोगों के साथ पिछले छह दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। शासन प्रशासन की उपेक्षा से नाराज आंदोलनकारियों ने सोमवार को जुलूस-प्रदर्शन किया। नारेबाजी के साथ गौचर तिराहा तक जुलूस निकाला गया। बाद में प्रशासन और सरकार का पुतला फूंका गया।
कार्यक्रम में शामिल पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी और उपपा केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने प्रदेश में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था पर कड़ा आक्रोश जताया। कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का सरकार ने व्यापार बना डाला है। दोनों ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की बात कही। जुलूस-प्रदर्शन में मोहन सिंह रावत, देव सिंह रावत, नारायण रावत, विजय बजेठा, वीरेंद्र बजेठा, नंद राम, त्रिलोक अधिकारी, देव सिंह रावत, धर्मेंद्र अधिकारी, प्रताप अधिकारी, गवर्नमेंट पेंशनर वेलफेयर आर्गनाइजेशन के हरी राम आर्य, गोपाल राम, दीपा मठपाल, धन सिंह, रमेश मठपाल, हिम्मत सिंह, ईश्वर सिंह, राजेंद्र सिंह, आनंद कुमार आदि थे। कानून व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए थाना प्रभारी अशोक कुमार भी दलबल के साथ मौजूद रहे।