फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

 सांसदों के समक्ष रखी छावनी क्षेत्र की समस्याएं

Fri, 11 Jan 2019 11:44 PM IST
Almora desk अमर उजाला ब्यूरो  रानीखेत (अल्मोड़ा)।
विज्ञापन
दिल्ली में सांसदों से मुलाकात करते छावनी परिषद के उपाध्यक्ष और अन्य। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
 छावनी क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं से निजात दिलाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय कैंट उपाध्यक्ष, सदस्य एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दिल्ली में छावनी क्षेत्र के 20 सांसदों से मुलाकात की। कहा कि देश में अपना संविधान है, लेकिन छावनी परिषद में आजादी के सात दशकों बाद भी अंग्रेजों का काला कानून लागू है। जिसके चलते स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


सांसदों से मिलकर लौटे छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी ने बताया कि दिल्ली में छावनी क्षेत्र के 20 सांसदों से मुलाकात हुई। उन्होंने सांसदों को छावनी क्षेत्र की समस्याओं के बारे में बताया गया। कैंट एक्ट 1924, 2006 में संशोधन करने की मांग की गई, कहा कि दोनों एक्ट में शासकों के हित ही सध रहे हैं। कहा कि देश आजाद हैं, लेकिन छावनी के लोग आज भी अंग्रेजी काले कानून को झेल रहे हैं। 2006 में कैंट एक्ट में संशोधन हुआ, लेकिन संशोधन में नागरिकों को अधिकार नहीं मिले। 

उन्होंने छावनी अधिनियम को लोकतांत्रिक बनाने, खत्म हो रही लीजों का नवीनीकरण करने, छावनी क्षेत्र की सिविल एरिया को नगरपालिका बनाने, फ्री होल्ट नीति में परिवर्तन कर उसे शासन स्तर के बजाए महानिदेशक स्तर पर अधिकार दिलाने सहित तमाम मांगें उठाई।  इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव गुप्ता, महामंत्री मोहन नेगी, उपाध्यक्ष रचना विजयवर्गीय आदि ने भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी, केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, सावित्री ठाकुर धार, चंद्रकांत खेरे, डा. रमेश पोखरियाल, लक्ष्मी नारायण यादव, रतन लाल कटारिया, केंद्रीय मंत्री उमा भारती आदि सांसदों से मुलाकात की।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें