अखिल भारतीय छावनी परिषद उपाध्यक्ष एवं सदस्य एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री डा. सुभाष रामाराव भ्रामरे से मुलाकात कर छावनी क्षेत्र की समस्याएं बताईं, कहा कि छावनी परिषद के कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति को शीघ्र लागू करना जरूरी है। एक ही स्थान पर वर्षों से डटे कई कर्मचारी निरंकुश हो रहे हैं। जिसके चलते परिषद में आम जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा के नेतृत्व में पदाधिकारी दिल्ली में रक्षा राज्य मंत्री डा. भ्रामरे से मिले। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव गुप्ता और महामंत्री मोहन नेगी ने कहा कि देश की 62 छावनियों में कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति पर शीघ्र मुहर लगनी जरूरी है, एक ही स्थान पर वर्षों से बैठे कई कर्मचारी कार्यों को सही ढंग से अंजाम नहीं दे पा रहे हैं। कर्मचारियों की आपसी खींचतान के चलते छावनी परिषद में आम जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कहा कि लोक सभा और राज्य सभा की बैठकों की तर्ज पर कैंट बोर्ड की बैठकों की भी रिकार्डिंग होनी चाहिए। इससे पारदर्शिता आएगी।
कैंट क्षेत्रों में भूमि फ्री होल्ड नीति और कैंट एक्ट 2006 में व्यापक संशोधन करने पर जोर दिया गया। कहा कि अंग्रेज हुक्मरानों द्वारा वर्षों पूर्व बनाए गए कैंट एक्ट में कई प्रावधान अप्रासंगिक हैं। लीज संबंधी समस्या के समाधान के लिए रक्षा मंत्रालय का आभार जताया गया। रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार छावनी क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयासरत हैं। स्थानांतरण एक्ट, लीज नीति और छावनी एक्ट संशोधन के क्षेत्र में रक्षा मंत्रालय अहम निर्णय लेने जा रहा है। इन्हें शीघ्र लागू कर दिया जाएगा। बाद में पदाधिकारी रक्षा संपदा महानिदेशक जोनेश्वर शर्मा से भी मिले। उन्हें भी समस्याओं से अवगत कराया गया।