डे केयर सेंटर की बैठक में वक्ताओं ने युवा वर्ग के नशे की चपेट में आने पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण इलाकों से कुछ लोग नगर में चरस सप्लाई करते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित करके तत्काल जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्र में सड़क के किनारे स्थित ढाबों में अवैध रूप से चरस और शराब बेची जा रही है।
गांवों में युवा पीढ़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रही है। इससे जहां बच्चों का जीवन बर्बाद हो रहा है वहीं अभिभावक भी परेशान हैं। महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिलाओं को परिवार के भरण-पोषण करने के साथ ही पति की प्रताड़ना भी सहन करनी पड़ती है।
उन्होंने पुलिस से नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सराहना करते हुए कहा कि शीघ्र ही जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर ग्रामीण इलाकों में चरस का धंधा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस मौके पर संस्था का विस्तार करते हुए आनंद लोहनी को कोषाध्यक्ष, एमडी मिश्रा उपसचिव और प्रो. अरुण पंत को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्षता लीला टम्टा ने और संचालन प्रताप सिंह सत्याल ने किया। बैठक में डा. जेसी दुर्गापाल, आनंद सिंह बगड़वाल, निर्मला जोशी, आशा पंत, शांति साह, इंद्रा लोहनी, रीता दुर्गापाल, पुष्पा कैड़ा, सुनयना मेहरा, लीला खोलिया, जीसी जोशी, मोहन सिंह नयाल, आनंद लोहनी, भैरव गोस्वामी, भुवन तिवारी, आनंद बगड़वाल, एलएस ऐठानी, एमडी मिश्रा, गिरीश मल्होत्रा, जेसी दुर्गापाल, अरुण पंत आदि मौजूद थे।