अल्मोड़ा। इंटरमीडिएट के फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले राजकीय प्राथमिक स्कूल वल्शा (हवालबाग) के प्रधानाध्यापक पुष्कर कुमार को निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक) हर्ष बहादुर चंद ने आदेश जारी करके निलंबित प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से उप शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक) हवालबाग कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। डीईओ ने निलंबित प्रधानाध्यापक को एक हफ्ते के भीतर जांच समिति के समक्ष पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने राजकीय प्राथमिक स्कूल वल्शा (हवालबाग) के प्रधानाध्यापक पुष्कर कुमार के इंटरमीडिएट के वर्ष 1994 अनुक्रमांक 705053 के प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए क्षेत्रीय सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद बरेली भेजे थे। सचिव कार्यालय ने दो मार्च 2021 को भेजे पत्र में प्रधानाध्यापक का परीक्षाफल रद्द बताया था। विभाग ने नौ मार्च को उसके अंकपत्र और प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए सीआरएसटी इंटर कालेज नैनीताल भेजे। स्कूल के प्रधानाचार्य ने परीक्षाफल की क्रास लिस्ट डीईओ कार्यालय अल्मोड़ा भेजी, जिसमें प्रधानाध्यापक का परीक्षाफल अपूर्ण अंकित दर्शाया गया है।
डीईओ चंद ने 30 मार्च को प्रधानाध्यापक को पक्ष प्रस्तुत करने के लिए बुलाया। विभाग ने पाया कि प्रधानाध्यापक इंटर में अनुत्तीर्ण है और उसके इंटर के शैक्षिक प्रमाणपत्र अवैध हैं। डीईओ चंद ने मंगलवार को प्रधानाध्यापक पुष्कर कुमार को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा है कि निलंबन अवधि में प्रधानाध्यापक को आधा वेतन मिलेगा। डीईओ ने उप शिक्षाधिकारी प्रारंभिक (ताकुला) सुरेश चंद्र आर्या को जांच समिति में नामित किया है। निलंबित प्रधानाध्यापक ने सात दिन के भीतर अपना पक्ष नहीं रखा तो मान लिया जाएगा कि उसे आरोप के संबंध में कुछ नहीं कहना है। इसके पश्चात उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर प्रधानाध्यापक के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई कर दी जाएगी। जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व उसका होगा।