कुमाऊं में पौराणिक और ऐतिहासिक धरोहरों की काफी संख्या है। इनमें कई धरोहरें पुरातात्विक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। इनमें से एक धौलादेवी ब्लॉक के बानठौक में बारहवीं सदी के प्रसिद्ध शिव मंदिर (नौ मंदिरों का समूह) के चार मंदिर 10 से 45 डिग्री तक झुक गए हैं। पुरातत्व विभाग ने अब इन चारों मंदिरों को रीसेट करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए देहरादून के संस्कृति निदेशालय से स्वीकृति भी मिल चुकी है।
जिले में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के करीब 20 मंदिर हैं इनमें बानठौक में नौ मंदिरों का समूह (शिव मंदिर) भी शामिल है। पिछले कुछ समय से समूह के चार मंदिर काफी झुक गए। प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि ऐतिहासिक मंदिर समूह के चार मंदिर 10 से 45 डिग्री तक झुक गए हैं जिससे मंदिर के कभी भी ढहने की आशंका पैदा हो गई थी। विभाग ने संस्कृति निदेशालय देहरादून को इस संबंध में पत्राचार किया और निदेशालय से इसके रीसेट की स्वीकृति मिल चुकी है। निर्माणदायी संस्था आरईएस को इसके लिए बजट भी मिल चुका है। मंदिर को रीसेट करने के लिए फिलहाल राजस्थान के कुशल कारीगरों से संपर्क किया जा रहा है जिसके बाद मंदिर के रीसेट का काम शुरू हो जाएगा।