अल्मोड़ा और आसपास के इलाकों में चरस, गांजा पर सख्ती से रोक लगाने के लिए प्रशासन जल्द ही बड़ा अभियान शुरू करेगा। डीएम सविन बंसल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि जिले में भांग की खेती करने वालों का पता लगाकर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने बताया कि भांग की अवैध खेती और गांजे, चरस आदि की तस्करी करने पर 10 से 20 साल तक की सजा का प्राविधान है।
डीएम ने बताया कि भांग की खेती पर रोक के लिए ग्रामीण इलाकों में एनसीबी और प्रशासन के अधिकारियों की टीम छापेमारी करेगी। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों के अलावा तहसीलदार और अन्य अधिकारियों से भी उनके इलाकों में भांग की खेती करने वालों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नशे के खिलाफ प्रथम चरण में एसएसजे परिसर और स्थानीय इंटर कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
डीएम ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें गांजे या अफीम की खेती और व्यापार करने वालों के बारे में जानकारी हो तो इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को दें। सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा। डीएम ने मुख्य शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए कि विद्यालयों में प्रार्थना से पहले छात्रों के बैगों की औचक तलाशी ली जाए। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) देहरादून से पहुंचे इंटेलीजेंस ऑफिसर धर्मवीर सिंह ने उपजिलाधिकारियों को नारकोटिक्स एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में एसएसपी पी रेणुका देवी, एसडीएम विवेक राय, रजा अब्बास, फिंचाराम चौहान, ऋचा सिंह, गौरव चटवाल के अलावा जिला शिक्षाधिकारी राय साहब यादव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश पुरोहित, ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट, गिरीश मल्होत्रा आदि थे।