पहाड़ के दूरस्थ गांव की महिलाओं को खुशियों की सवारी वाहन का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। तहसील सल्ट के नैकणा गांव से तीन गर्भवती महिलाएं खुशियों की सवारी वाहन से रामनगर स्थित सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण कराने पहुंचीं। महिलाओं ने चालक से घर छोड़ने को कहा तो उसने तेल खत्म होने की बात कह कर हाथ खड़े कर दिए।
जानकारी के मुताबिक नैकणा गांव निवासी मंजू देवी पत्नी भूपेंद्र सिंह, सोनी देवी पत्नी आनंद सिंह, पूजा देवी पत्नी बाला दत्त गर्भवती हैं। सोमवार को वह नैकणा गांव से खुशियों की सवारी वाहन से रामनगर स्थित सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण करने निकली। महिलाओं ने बताया कि खुशियों की सवारी वाहन के चालक ने जाते वक्त उन्हें अस्पताल तक पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वापसी में चालक ने वाहन में तेल नहीं होने की बात कहकर उन्हें घर छोड़ने से इंकार कर दिया। महिलाओं ने घटना की जानकारी फोन पर अपने परिजनों को दी। परिजनों ने सल्ट से वाहन बुक कर रामनगर भेजा। इसके बाद तीनों गर्भवती महिलाएं अपने घर पहुंच सकी।
लोगों का कहना है कि नियमानुसार खुशियों की सवारी गर्भवती महिलाओं को घर से ले जाने के साथ ही उन्हें वापस घर छोड़ती है। इधर सामाजिक कार्यकर्ता अजय सिंह रावत ने कहा कि खुशियों की सवारी वाहन गर्भवती महिलाओं को ले जाने और घर छोड़ने का काम करता है।
खुशियों की सवारी के चालक द्वारा गर्भवती महिलाओं को रामनगर से वापस नहीं लाने की लिखित शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। चालक दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुजन सिंह, प्रभारी खुशियों की सवारी स्वास्थ्य