अल्मोड़ा जिले के सल्ट ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रतखाल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। देर रात प्रसव पीड़ा से कराहती एक गर्भवती महिला को अस्पताल लाया गया, 20 मिनट इंतजार के बावजूद वहां कोई भी स्वास्थ्य कर्मी नहीं मिला। प्रसूता की हालत बिगड़ने पर परिजन एंबुलेंस से उसे सीएचसी भिकियासैंण ले गए। इस दौरान रास्ते में गहनाखाल के पास सड़क पर एंबुलेंस में ही महिला का प्रसव कराया गया।
दरअसल सल्ट ब्लॉक के ग्राम सभा उजराड़ क्वेराला निवासी सनवीर हुसैन की पत्नी सबा परवीन को मंगलवार देर रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। रात 12:23 बजे परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा को फोन किया। 108 भिकियासैण की एंबुलेंस समय पर मौके पर पहुंची और सबा परवीन को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रतखाल ले जाया गया।
करीब 20 मिनट तक इंतजार करने के बावजूद अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मी नहीं मिला। प्रसूता की हालत बिगड़ने पर परिजन सबा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण ले गए। इसी दौरान गहनाखाल के पास अचानक दर्द तेज हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 108 एंबुलेंस में तैनात फार्मासिस्ट भास्कर ने वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर आवश्यक तैयारी की और रात 2:45 बजे एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया। 108 एंबुलेंस सटाफ के मुताबिक सबा परवीन ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को सीएचसी भिकियासैण में भर्ती कराया गया, जहां दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।
फार्मासिस्ट भास्कर अब तक करा चुके हैं 14 सुरक्षित प्रसव
परिजनों ने फार्मासिस्ट भास्कर और चालक गोपाल सिंह की तत्परता की सराहना करते हुए उन्हें अपने लिए भगवान समान बताया। गौरतलब है कि 108 भिकियासैंण एंबुलेंस के फार्मासिस्ट भास्कर अब तक सेवा के दौरान 14 सुरक्षित प्रसव करा चुके हैं।
पीएचसी रतखाल में स्टाफ न मिलने का आरोप
प्रसूता के परिजनों का ओराप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रतखाल में गर्भवती महिला को पहुंचाने के बावजूद करीब 20 मिनट तक कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं मिला। रात में अस्पताल पहुंचने पर काफी देर तक न तो डॉक्टर मिले और न ही अन्य स्टाफ। प्रसूता के पति सनवीर हुसैन ने आरोप लगाया कि प्रसूता की हालत बिगड़ने पर ही उसे दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ा। यदि समय पर स्टाफ मिल जाता तो मरीज को बीच रास्ते में जोखिम नहीं उठाना पड़ता। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से रात्रिकालीन ड्यूटी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि किसी व्यक्ति के साथ भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
108 सेवा का उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है और टीम ने अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं, जो टीम के लिए सबसे बड़ी संतुष्टि की बात है।
-मनोज सामंत, 108 प्रभारी अल्मोड़ा
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जानकारी ली जाएगी। यदि लापरवाही मिलेगी तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. प्रवीण कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी अल्मोड़ा