अल्मोड़ा। विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को ग्राम प्रधानों ने विकास भवन में जमकर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान गुस्साए प्रधानों ने डीपीआरओ और सीडीओ कार्यालय में तालाबंदी कर दी। पूरा दिन धरने पर बैठे कार्मिकों ने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दे डाली।
प्रधानों को दस हजार रुपये मानदेय और पांच हजार रुपये मासिक पेंशन देने, वित्त के मद में की गई कटौती को बंद करने, मनरेगा के तहत 100 दिनों की जगह 200 दिनों का रोजगार देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रधान संगठनों ने सोमवार को विकास भवन कूच किया। प्रधानों ने कहा कि वह लंबे समय से उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कहा कि वह ग्रामीण विकास की अनदेेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र गैलाकोटी ने कहा कि ग्रामीणों के प्राथमिकताओं में जीतने वाली सरकार प्रधानों की मांगों की अनदेखी कर रही है। 12 सूत्री मांगों के निवारण को लेकर बीते एक जुलाई से ब्लॉक मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन और तालाबंदी करने के बावजूद भी उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इस दौरान अब विकास भवन पहुंच प्रधानों ने डीपीआरओ और सीडीओ कार्यालय में तालाबंदी की। पूरा दिन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर प्रधान संगठन जिलाध्यक्ष गैलाकोटी समेत देव सिंह भोजक, मोहन सिंह, पर्मिला देवी, दीपक नेगी, प्रताप सिंह गैड़ा, विनोद कनवाल आदि मौजूद रहे।