सल्ट ब्लाक सभागार में शपथ ग्रहण करते नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्य।
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अल्मोड़ा। जिले में 1160 ग्राम पंचायतों में से संगठित 236 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और वार्ड सदस्यों को बुधवार को ब्लॉक मुख्यालयों में शपथ दिलाई गई। बृहस्पतिवार 28 नवंबर को इन ग्राम पंचायतों की पहली बैठक होगी।
जिले में कुल 11 विकासखंडों में 1160 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 236 ग्राम पंचायतों में प्रधान और दो तिहाई वार्ड सदस्यों का निर्वाचन हो गया है। बुधवार को राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर संगठित ग्राम पंचायतों के प्रधानों और वार्ड सदस्यों को ग्यारह ब्लॉक मुख्यालयों में शपथ दिलाई गई। विकासखंड हवालबाग में 126 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 21 गांवों के प्रधानों और वहां के 110 वार्ड सदस्यों में से 97 वार्ड सदस्यों ने शपथ ग्रहण की। ब्लॉक में सबसे कम उम्र की 23 वर्षीय पल्लवी ग्राम पंचायत शाली की प्रधान और सबसे वरिष्ठ 68 वर्षीय स्यूना के प्रधान बची राम ने भी शपथ ली। बीडीओ पंकज कुमार कांडपाल ने पंचायत प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सीमा विश्वकर्मा भी मौजूद थीं।
प्रधानों व सदस्यों को शपथ दिलाई
मौलेखाल। विकासखंड सल्ट के सभागार में सहायक खंड विकास अधिकारी देवेंद्र सिंह तड़ागी ने ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। ब्लॉक की 138 में से मात्र 40 ग्राम पंचायतों के मुखिया ही पद एवं गोपनीयता की शपथ ले सके। शेष 98 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्य नहीं चुने जा सके। मात्र 40 ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने ही शपथ ली। इस मौके पर एडीओ पंचायत हरिदत्त बलोदी, गंभीर चंद्रमोला, श्रवण कुमार, जितेंद्र सिंह, हुकुम सिंह आदि लोग मौजूद थे।
924 ग्राम पंचायतों के प्रधान और वार्ड सदस्य नहीं ले सके शपथ
अल्मोड़ा। ग्राम पंचायतों के संगठित होने के लिए वहां प्रधान के साथ ही दो तिहाई वार्ड सदस्यों का भी निर्वाचन जरूरी है। लेकिन जिले में 924 ग्राम पंचायतों में से 33 में प्रधान पद के लिए किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। जिससे 33 गांवों में प्रधानों के पद रिक्त हैं। वहीं 891 ग्राम पंचायतों में वार्ड सदस्य के दो तिहाई पद नहीं भरे गए हैं। जिससे इन सभी 924 ग्राम पंचायतों को असंगठित माना गया है। जिले में वार्ड सदस्य के 8242 पदों में से 5998 पद रिक्त हैं। जिसके चलते इन ग्राम पंचायतों के प्रधान और वार्ड सदस्य बुधवार को शपथ ग्रहण नहीं कर सके। उपचुनाव के बाद सदस्यों और प्रधानों के पद भरे जाने के बाद ही इन ग्राम पंचायतों के प्रधान और वार्ड सदस्यों को शपथ ले सकेंगे।