अल्मोड़ा। मानसखंड विज्ञान केंद्र (एमकेएससी) अल्मोड़ा में वैज्ञानिक व्याख्यान और प्रदर्शन सत्र का आयोजन किया गया। डॉ. रवींद्र जोशी ने तितलियों की विभिन्न प्रजातियों, उनकी पारिस्थितिकीय भूमिकाव उनकी पहचान के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी साझा की। उन्होंने तितलियों की पहचान और अवलोकन का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) भी कराया जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मानसखंड विज्ञान केंद्र की सह-प्रभारी डॉ. प्रियंका अधिकारी ने केंद्र में उपलब्ध विभिन्न वैज्ञानिक और शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने में केंद्र की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए स्टेम प्रयोगशाला की गतिविधियों और उसकी उपयोगिता से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
डॉ. जीसीएस नेगी ने जैव विविधता का ह्रास और उसका संरक्षण विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने जैव विविधता के महत्व, उसके समक्ष उत्पन्न चुनौतियों व प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। इस दौरान केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने मानसखंड विज्ञान केंद्र परिसर में विभिन्न प्रजाति के पौधे रोपे। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया। वहां चेतन देव, ममता धीवान आदि मौजूद रहे।