जिला अस्पताल को पीपीपी मोड में देने के प्रयासों के खिलाफ उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल में धरना दिया। धरना स्थल वक्ताओं ने कहा कि सरकार राजकीय अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के बजाए उन्हें निजी हाथों में दे रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों और तकनीशियनों के पद खाली पड़े हैं। सरकार इन्हें भरने के बजाए की अस्पतालों को निजी हाथों में दे रही है। इससे गरीब जनता की पहुंच से स्वास्थ्य सुविधाएं दूर हो जाएंगी। यदि जिला अस्पताल को पीपीपी मोड में दिया गया तो जनता को साथ लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। इस मौके पर रामनगर में पार्टी के महासचिव प्रभात ध्यानी पर हमले की निंदा की गई और हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग उठाई। इसको लेकर सत्याग्रह शुरू करने की धमकी दी गई।
धरने की अध्यक्षता आनंदी वर्मा और संचालन रेखा धस्माना ने किया। धरने में प्रदीप गुरुरानी, प्रेम आर्या, लीला आर्या, ललित चौधरी, आनंदी मनराल, ललित बिष्ट, सुनीता दानू, कमला दानू, भाष्कर प्रसाद, हसन, अनीता, अनूप तिवारी, वशीम अहमद, साकिब, कनीजा बानू, राजू गोस्वामी, प्रभा दानू, देवेश कुमार, सरस्वती, गोदावरी, मुन्नी आर्या आदि बैठे।