जागेश्वर (अल्मोड़ा)। जागेश्वर के लछना हैठ क्षेत्र में प्रस्तावित डाॅप्लर मौसम रडार की स्थापना के पहले व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मौसम विभाग और आपदा की टीम पहुंची। यहां जमीन की स्थिति और सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई।
आपदा विभाग के निर्देश पर सोमवार को तहसीलदार भनोली बरखा जलाल टीम के साथ ग्राम सभा कुंजाखाली के शौकियाथल स्थित लछना हैठ में पहुंची। संयुक्त निरीक्षण में मौसम विज्ञानी हेम चंद्र पांडे, वैज्ञानिक सहायक दीपक तिवारी, वन विभाग से वन दरोगा लक्ष्मण सिंह व वन बीट अधिकारी चंदन सिंह, राजस्व निरीक्षक सृष्टि दत्त बहुगुणा, राजस्व उप निरीक्षक गंभीर सिंह, विद्युत विभाग के जेई प्रमोद गुरुरानी, जल संस्थान से खिमानंद पांडे और पंचायत सरपंच भगवान भट्ट शामिल रहीं।
निरीक्षण के दौरान डाॅप्लर मौसम रडार स्थापना से जुड़े सड़क सुरक्षा के प्रस्तावित कार्यों के लिए भूमि का सीमांकन किया गया। प्रस्तावित सुरक्षा कार्य से ग्राम लछना हैठ के खसरा संख्या 15, 9 (3), 4, 10, 8 व 337 की भूमि प्रभावित हो रही है। सभी संबंधित विभागों की मौजूदगी में सीमांकन एवं निरीक्षण की कार्रवाई सर्वसम्मति से पूर्ण की गई।
डाॅप्लर मौसम रडार होगा कारगर
डॉप्लर मौसम रडार (डीडब्ल्यूआर) तकनीक का उपयोग बादलों की गति, वर्षा की तीव्रता और आंधी-तूफान के सटीक पूर्वानुमान के लिए होता है। संवेदनशील क्षेत्रों में इसे स्थापित किया जाना है। इसके जरिये हवा की गति और दिशा का पता चलेगा। यह 360-डिग्री स्कैन द्वारा वास्तविक समय में डाटा दे सकता है। यह बादलों के घूमने, भारी बारिश और ओलावृष्टि की समय पर चेतावनी देगा। इससे बादल फटने की घटना का पता कर नुकसान को कम किया जा सकता है।