अल्मोड़ा। जिले के धौलादेवी विकासखंड के अंतर्गत भगरतोला-चमुवा-कपकोली मोटर मार्ग में निर्माण के आठ साल बाद भी डामरीकरण नहीं हो सका है। कच्चे मार्ग पर लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने मार्ग पर जल्द डामरीकरण नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
वर्ष 2016 में भगरतोला-चमुवा-कपकोली मोटर मार्ग का निर्माण हुआ। कई सालों बाद भी सड़क पर डामरीकरण नहीं हो सका है। इस कारण भगरतोला, कदौरी, सिगोला, उडियार, चमुवा, खेतीगैर, कपकोली, पपगाड सहित कई गांवों के लोग जान को जोखिम में डालकर इस मार्ग से सफर करने के लिए मजबूर हैं। बारिश में मार्ग की हालत काफी खराब हो जाती है। जगह-जगह जल भराव हो जाता है। इस कारण लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। क्षेत्र के प्रकाश चंद्र भट्ट, नवीन चंद्र भट्ट, पूरन चंद्र भट्ट आदि क्षेत्र की उपेक्षा पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर जल्द डामरीकरण नहीं हुआ तो स्थानीय लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
किसानों को उपज बाजार लाने के लिए देना पड़ता है अधिक भाड़ा
अल्मोड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि कच्चे मार्ग से सफर करने पर टैक्सी चालक मनमाना किराया लेते हैं। उत्पादित सब्जी, फल और अनाज को स्थानीय बाजार तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को वाहन का अधिक किराया चुकाना पड़ता है। इससे किसानों को मुनाफा कम, नुकसान अधिक झेलना पड़ रहा है।
वन विभाग से विधिवत स्वीकृति की कार्रवाई गतिमान है। इसके बाद सड़क पर डामरीकरण संभव है।
हरीश चंद्र जोशी, एई लोनिवि निर्माण खंड अल्मोड़ा।