अल्मोड़ा। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना की दिशा में बढ़ते हुए समूहों की तीन महिलाओं ने स्वरोजगार की दिशा में मिसाल कायम की है। उनके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बेहतरी लेकर आया है। इन महिलाओं ने मेहनत के बल पर मशरूम उत्पादन से करीब सात महीनों में अपनी मशरूम इकाई से नौ लाख का टर्नओवर दिया। इसमें 5.7 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमाया।
बता दें कि जनपद अल्मोड़ा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से विकासखंड हवालबाग में नई पहल के तहत मशरूम उत्पादन की एक इकाई की स्थापना की गई। इस इकाई ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में नया अध्याय जोड़ा है। सितंबर 2024 में जय मां नंदा, सरस्वती और उजाला समूहों की निर्मला फर्त्याल, पार्वती बिष्ट और कमला भंडारी ने अपने समूह की 30 महिलाओं के साथ मिलकर इस यूनिट में मशरूम के 1500 बैग लगाए।
इससे पहले उन्होंने मिशन के तहत प्रशिक्षण लिया और महिलाओं को एनआरएलएम के अंतर्गत 2.75 लाख रुपये की सहायता प्राप्त हुई। महिलाओं की मेहनत रंग लाई और उन्होंने वित्तीय सहायता से स्वरोजगार की ठोस मिसाल पेश कर दी। इससे मशरूम इकाई का सितंबर, 24 से लेकर अब तक नौ लाख रुपये का टर्नओवर रहा। इसमें से 5.7 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।
सीडीओ की नवाचारी पहल के तहत एनआरएलएम के तहत हवालबाग में मशरूम यूनिट खोली गई। इसमें महिलाओं ने समर्पण के साथ काम किया और अच्छी सफलता मिली है। इस उपलब्धि ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर धरातल पर काम हो तो ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदल जागएी। पहल जारी रहेगी।
— एसके पंत, परियोजना निदेशक, एनआरएलएम, अल्मोड़ा