प्रावैधिक शिक्षा के अंतर्गत प्रदेश में संचालित राजकीय पालीटेक्निकों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को पिछले साल नवंबर और दिसंबर का वेतन नहीं मिला है, जिस कारण कर्मचारियों में आक्रोश है। बताया गया है कि प्रदेश में पालीटेक्निक संस्थानों में कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने का यह पहला मामला है।
प्रावैधिक शिक्षा टीचर्स एसोसिएशन इसके खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंकने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश के 70 पालीटेक्निकों में 45 सौ अधिकारी, कर्मचारी तैनात हैं। जिसमें लगभग 500 अधिकारी, 3000 तृतीय श्रेणी और 1000 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। जनवरी माह भी आधा बीत चुका है, अभी तक वेतन को लेकर कोई सुनवाई नहीं हुई है, जिस कारण कर्मचारियों में आक्रोश है। कार्मिकों का कहना है कि कई बार विभाग और संबंधित अधिकारियों को प्रपत्र भेजे गए, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
प्रावैधिक शिक्षा टीचर्स एसोसिएशन ने इस मामले को लेकर अब आंदोलन की रणनीति बनाने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश बाबू ने बताया कि तीन माह से वेतन नहीं मिला है। एसोसिएशन अधिकारी और कर्मचारियों की मांगों को लेकर संघर्ष करेगा, शीघ्र आंदोलन की घोषणा होगी।
यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है, हां नवंबर में वेतन को लेकर बजट विधानसभा में पास हो गया है, यह बजट शीघ्र विभाग को मिलने की उम्मीद है। संभवत: एक या दो दिन के भीतर वेतन मिल जाए।
आरपी गुप्ता, एडिशनल डायरेक्टर प्रावैधिक शिक्षा।