रानीखेत (अल्मोड़ा)। रक्षा मंत्रालय ने छावनी परिषद के चुनाव के लिए 17 फरवरी को अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत 28 मार्च को नामांकन प्रक्रिया शुरू होकर 30 अप्रैल को मतदान होना था लेकिन अचानक चुनाव स्थगित होने से दावेदारी कर रहे कई लोगों को झटका लगा है।
छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी नागेश कुमार पांडेय ने बताया कि शुक्रवार शाम रक्षा मंत्रालय की तरफ से चुनाव स्थगित करने का पत्र मिल चुका है लेकिन इसमें कारण नहीं बताया गया है। छावनी अधिनियम 2006 में संशोधन सहित कई कार्य चल रहे हैं। आजकल मतदाता सूची बनाई जा रही है। छावनी परिषद के चुनाव वर्ष 2015 में हुए थे। वर्ष 2020 में चुनाव होने थे लेकिन एक्ट में संशोधन और तमाम गतिविधियों के कारण चुनाव नहीं हो सके। सभासदों का कार्यकाल एक साल बढ़ाया गया। वर्ष 2022 में यहां वेरी बोर्ड गठित किया गया। जनता की तरफ से सदस्य नामित किया गया था। अब फिर से चुनाव स्थगित हो गए हैं। रानीखेत की छावनी कुमाऊं की सबसे बड़ी कैंट मानी जाती है। यहां करीब 13,000 मतदाता और सात वार्ड हैं। वार्ड नंबर तीन और सात महिला आरक्षित है। वार्ड नंबर दो को एससी एसटी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था।