अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने मुजफ्फरनगर कांड की वर्षगांठ को काला दिवस के रूप में मनाया। कार्यकर्ताओं ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही दोषियों को सजा दिलाने की मांग को लेकर धरना भी दिया।
सोमवार को पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता चौघानपाटा के गांधी पार्क में एकत्र हुए और महात्मा गांधी के साथ ही मुजफ्फरनगर कांड के शहीदों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। तिवारी ने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान हुए मुजफ्फरनगर कांड को उत्तराखंड कभी भूल नहीं सकता।
वक्ताओं ने कहा कि उपपा हमेशा शहीदों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेगी। इन कांड के खलनायकों को बचाने वाले राजनीतिक दलों को बेनकाब करने के लिए हर साल गांधी जयंती पर काला दिवस मनाया जाएगा, ताकि सरकारें जाग सकें। यहां किरन आर्या, नारायण राम, राजू गिरी, पान सिंह, देवेंद्र भट्ट, मनोज कुमार पंत, प्रकाश चंद्र, भावना पांडे, बहादुर सिंह रौतेला आदि मौजूद रहे। संवाद
राज्य आंदोलनकारियों ने किया शहीदों को याद
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। राज्य आंदोलनकारियों ने मुजफ्फरनगर कांड की 29 वीं वर्षगांठ पर राज्य गठन के लिए हुए आंदोलनों के शहीदों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दोषियों को सजा दिलाने की मांग को लेकर उन्होंने नगर के त्रिमूर्ति चौक पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा बारी-बारी से प्रदेश की सत्ता का सुख भोग रही हैं, लेकिन शहीदों को न्याय दिलाने में नाकाम साबित हुई हैं। आंदोलनकारियों ने उपवास रखा। यहां राज्य आंदोलनकारी संगठन के अध्यक्ष मनोज अधिकारी, पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, जगदीश बुधानी, बीरेंद्र बजेठा, चंदन नेगी, सुरेन्द्र लाल साह, बिपिन पंत आदि मौजूद रहे। संवाद
आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि देकर रखा उपवास
चौखुटिया(अल्मोड़ा)। मुजफ्फरनगर कांड की 29 वीं वर्षगांठ पर क्रांतिवीर चौराहे पर राज्य आंदोलनकारी संगठन, राज्य की अवधारणा से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि देकर उपवास रखा। इस दौरान शहीदों के साथ ही महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देने के बाद तय हुआ कि शीघ्र ही क्रांतिवीर चौराहे से मशाल लेकर पूरे प्रदेश में पदयात्रा की जाएगी।
राज्य आंदोलनकारी संगठन के बैनर तले हुए कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ नारेबाजी की गई। साथ ही लस्का कमर वादा हिम्मत का साथ, ततुक ना लगा उदेख घुनन मिनई ना टेक जैसे जनवादी गीतों के साथ एक दिवसीय उपवास रखा गया। यहां मनोज अधिकारी, जगदीश बुधानी, परमानन्द काण्डपाल, उमराव नेगी, भगवत रावत, वीरेन्द्र वजेठा, गणेश जोशी, गोपाल सिंह, रवि जोशी आदि मौजूद रहे। संवाद