खुमाड़ के शहीद स्थल जा रहे उक्रांद नेता और जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत को पुलिस ने कार्यक्रम स्थल से पहले नकुचिया के निकट हिरासत में ले लिया।
उनके साथ अलग वाहन में चल रहे उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी और शीर्ष नेता काशी सिंह ऐरी सहित अन्य नेताओं ने नारायण सिंह को रोकने का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने मजबूरी बताकर उन्हें नहीं छोड़ा।
विरोध में उक्रांद कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। उक्रांद के नेतागण शहीद दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि पुलिस प्रशासन को नारायण सिंह द्वारा विरोध किए जाने की आशंका थी।
करीब 10 किमी पहले ही नकुचिया के निकट पुलिस ने उक्रांद नेताओं के वाहनों को रोक लिया और जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत को हिरासत में लेकर पुलिस के वाहन में बैठा लिया।
दूसरे वाहन में सवार उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी और शीर्ष नेता काशी सिंह ऐरी आदि ने इस पर विरोध जताया लेकिन पुलिस ने नारायण सिंह को छोड़ने से इंकार कर दिया।
इसके बाद उक्रांद कार्यकर्ता भड़क गए और उन्होंने सड़क पर जाम लगा दिया और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उक्रांद नेता काशी सिंह ऐरी और पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि पुलिस ने प्रशासन और सरकार के इशारे पर नारायण सिंह को यहां रोक लिया।
उन्होंने कहा कि नारायण सिंह रावत किसी तरह का विरोध करते तो उन्हें वहीं गिरफ्तार किया जा सकता था। श्री ऐरी ने इसे लोकतंत्र का गला घोटने वाला रवैया बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई से उक्रांद के नेतागण श्रद्धांजलि देने खुमाड़ नहीं जा सके।
उक्रांद नेताओं का आरोप था कि पुलिस ने खुद वाहन सड़क पर तिरछे खड़े करके जाम की स्थिति पैदा की। उक्रांद नेताओं को बाद में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद करीब तीन घंटे बाद छोड़ा गया।
उधर अल्मोड़ा में उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने नारायण सिंह रावत को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिटरशाही रवैया अपना रही है। इसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ेगा।