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भांग की खेती करने वालों का पता लगाने में जुटी पुलिस

Mon, 05 Dec 2016 10:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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 चरस के नशे पर स्थायी रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन जिले में भांग की खेती करने वाले लोगों को चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद चरस और अन्य नशीले पदार्थों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। पुलिस को पता चला है कि कुछ गांवों में लोग चरस के लिए भांग की खेती कर रहे हैं और यह चरस अल्मोड़ा सहित अन्य नगरों में बेची जाती है। पुलिस की खुफिया टीमें गांव से चरस लाने वालों का भी पता लगाने में जुटी है। 
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पुलिस के मुताबिक चरस, भांग और स्मैक सहित अन्य नशीले पदार्थों के धंधा कानूनन अपराध है और इस तरह की नशीली सामग्री बेचने वालों पर नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है जिसमें 10 साल तक की सजा का प्राविधान है। तमाम प्राविधानों के बावजूद कुछ माह पहले भवाली में एक नाबालिग छात्र की नशीले पदार्थ के सेवन से मौत हो जाने के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए खासतौर पर छात्रों द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने के आदेश दिए हैं। राज्य मुख्यालय से मिले आदेशों के बाद से अल्मोड़ा में पुलिस प्रशासन ने नशीले पदार्थों का धंधा करने वालों और इसका सेवन करने वालों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया है। एसएसपी डीएस कुंवर ने इसमें खास रुचि दिखाई है। 

हाल में पुलिस ने नगर के कई छात्रों को चरस नशा करते पकड़ा है और उनसे चरस के सप्लायरों के बारे में काफी महत्वपूर्ण सुराग हासिल किए हैं। पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि नगर में चरस ग्रामीण इलाकों से सप्लाई की जा रही है। पुलिस ने अब भांग की खेती करने वाले गांवों और इस धंधे में ग्रामीणों को चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया है। एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर ने बताया कि नारकोटिक्स एक्ट के अंतर्गत भांग की खेती पर रोक है। पुलिस को पता लगा है कि कई लोग भांग की खेती कर चरस बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि भांग की खेती करने वालों को खुद ही इसे नष्ट कर देना चाहिए, अन्यथा उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।   
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