मौलेखाल (अल्मोड़ा)। 22 साल तक फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी कर चुके फरार फर्जी शिक्षक को पुलिस ने दबोच लिया है। मंगलवार को पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक दो अगस्त 2018 में सल्ट ब्लॉक के कूपी राजस्व क्षेत्र में तत्कालीन उप शिक्षाधिकारी गीतिका जोशी ने बिजनौर जिले के ग्राम औरंगाबाद निवासी शिक्षक खवानी सिंह पुत्र स्व. पूरन सिंह के सभी प्रमाणपत्रों के फर्जी होने की तहरीर दी थी। आरोपी शिक्षक के खिलाफ राजस्व पुलिस ने धारा 420/467/468 पर मुकदमा दर्ज किया था।
बाद में मामला रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया। एसएसपी पीएन मीणा ने 24 जून 2020 को मामले की जांच सल्ट थानाध्यक्ष धीरेंद्र पंत को सौंपी। रानीखेत सीओ तपेश कुमार ने मामले को लेकर पुलिस टीम गठित की। टीम ने दबिश देते हुए खवानी सिंह को मरचूला में क्रोकोडाइल व्यू रामनगर रोड से गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष पंत ने बताया कि शिक्षक ने 22 साल तक फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी की। दो साल पूर्व मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह फरार था। शिक्षक के पद पर तैनाती के संबंध में एसआईअी की जांच के बाद उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस टीम में कांस्टेबल जीवन सिंह ग्वाल, वीरेंद्र सिंह, शंभू सिंह, चालक नरेंद्र सिंह आदि शामिल थे।