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नशाखोरी रोकने को आगे आएं युवा

Sun, 26 Jun 2016 10:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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पुलिस की नशाविरोधी पाठशाला - फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के उपलक्ष्य पर पुलिस ने अभियान चलाकर युवाओं को नशाखोरी से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने युवाओं से नशा मुक्त समाज के निर्माण का आगे आने का आह्वान किया।
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पुलिस ने नगर में कई स्थानों पर युवाओं को नशे के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि शराब, भांग, गांजा, चरस आदि पदार्थों की नशाखोरी से गंभीर बीमारियों की चपेट में आकर मौत हो जाती है। नशा करने वाला स्वयं का जीवन बर्बाद करता ही है साथ ही परिवार, समाज पर भी बुरा असर पड़ता है।

नशे का शुरुआती शौक ही व्यक्ति को नशेड़ी बना देता है। अवैध तरीके से धन कमाने का लालच, देश विरोधी तत्व नशे के कारोबार के जरिए समाज को खोखला करना चाहते हैं। अधिकतर मामलों में युवा वर्ग ही उनका सॉफ्ट टारगेट (आसान शिकार) होते हैं।
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युवाओं को नशाखोरी से बचना चाहिए। समाज को भी नशाखोरी के प्रति जागरूक करना चाहिए। युवाओं ने भी नशाखोरी से बचने, समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया। इस दौरान कोतवाल पीएल वर्मा, निरीक्षक पीसी भट्ट, वरिष्ठ उप निरीक्षक हरीप्रसाद आदि थे।

अल्मोड़ा। नशा विरोधी दिवस पर राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ की गोष्ठी हुई। जिसमें मुख्य अतिथि पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. जेसी दुर्गापाल ने युवाओं में नशीली दवा के सेवन की बढ़ती लत पर चिंता जताई। कहा कि नींद न आने, डिप्रेशन आदि में नशीली दवाएं थोड़ी मात्रा में दी जाती हैं, लेकिन इसे अधिक मात्रा में लेने से नशा होने लगता है।

इस लत को छुड़ाना कठिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि नशीले दवाओं का सेवन मदिरापान से भी अधिक खतरनाक है। उन्होंने कहा कि पंजाब में सबसे अधिक नशीली दवाओं का कारोबार होता है। नशीली दवाएं बाजार में अब आसानी से उपलब्ध नहीं होती हैं।

यह योग्य चिकित्सक के पर्चे पर ही थोड़ी मात्रा में मिलती हैं। वैसे तो कोई भी दवा अधिक मात्रा में लेने पर नशा पैदा करती है। नशीली दवाओं के सेवन से धीरे-धीरे पूरा शरीर खोखला हो जाता है। वक्ताओं ने कहा कि माता-पिता को बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। धार्मिक पुस्तकों के अध्ययन से बच्चों को अच्छे संस्कार मिलेंगे। इस दौरान संघ के महासचिव डीके जोशी, जीसी जोशी, सुनीता दानू, किरन, सुनील, सुंदर, योगेश जोशी आदि थे।
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