घिंघारी गांव में पारंपरिक नौले की सफाई के बाद स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के साथ रानीखेत से भाजपा
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। ‘जल है तो कल है, इस बात से वाकिफ तो सभी हैं, लेकिन इसके संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास नहीं होते हैं। यही वजह है कि पारंपरिक स्रोत धीरे-धीरे सूखते जा रहे हैं। अब भी देर नहीं हुई है, लिहाजा हम सभी को मिलकर इस दिशा में धरातल पर काम करने की जरूरत है।’ ये बातें विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने नौले-धारों की सफाई के दौरान कहीं। उन्होंने अमर उजाला के हिमालय संरक्षण अभियान की सराहना की और इस कार्यक्रम से जुड़ने पर खुशी भी जताई।
अमर उजाला हिमालय बचाओ अभियान के तहत ताड़ीखेत ब्लाक के सुदूरवर्ती घिंघारी गांव से जल संरक्षण की शुरूआत हुई। विधायक डा. प्रमोद नैनवाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गांव के पारंपरिक जल स्रोतों कीक सफाई के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाया। कई नौलों धारों में बड़ी-बड़ी घास उग आई थी, विधायक ने लोगों के साथ मिलकर इस घास का निस्तारिण किया और आसपास की सफाई भी की। उनके नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने नौलों और धारों की सफाई करने के साथ जल संरक्षण के लिए आसपास के क्षेत्रों में चौड़ी पत्ती वाले पौधों के रोपण की शपथ भी ली।
बता दें कि इस क्षेत्र में व्यापक पेयजल संकट रहता है, जिस कारण ग्रामीण इन्हीं पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर रहते हैं। विधायक डा. नैनवाल ने ग्रामीणों से कहा कि जो संकल्प लिया गया है अगर ग्रामीण इमानदारी से उस दिशा में कार्य करेंगे तो वह खुद अपनी ओर से ग्रामीणों को सम्मानित करेंगे। साथ ही अपनी विधानसभा के अलग-अलग क्षेत्र में हिमालय संरक्षण के लिए प्रयास करने की बात भी उन्होंने कही। इस दौरान पूर्व प्रधान गणेश सुयाल, प्रधान श्वेता सुयाल, प्रधान खजान आर्या, प्रधान हेम बिष्ट, पूर्व प्रधान प्रदीप बिष्ट, करन बोरा, त्रिलोक सिंह बोरा, प्रमोद गयाल, जिला पंचायत सदस्य सोनू फर्त्याल, राजेंद्र कुमार, राजेंद्र मेहरा, मुकेश पांडे सहित तमाम लोग मौजूद रहे।