रानीखेत (अल्मोड़ा)। भारी बारिश का असर क्षेत्र की पेयजल पंपिंग योजनाओं पर भी पड़ने लगा है। गगास-ताड़ीखेत और नौला-कमराड़ योजना के स्रोत जहां गाद से पट चुके हैं, वहीं द्वाराहाट में कमलघाट पंपिंग योजना के पाइप नदी में बह गए हैं। सिरौता गधेरे से बनी डोटलगांव और धनखलगांव पेयजल योजनाओं के क्षतिग्रस्त पाइप चोरी हो गए हैं। जिस कारण क्षेत्र में पेयजल संकट बढ़ गया है। सैकड़ों गांवों की पेयजल योजनाएं प्रभावित होने की आशंका है।
मालूम हो कि क्षेत्र में गत दिनों से लगातार बारिश के कारण नदियां पूरी तरह उफान पर हैं। जिस कारण ताड़ीखेत क्षेत्र की 40 ग्राम सभाओं के लिए गगास नदी से बनी सबसे पुरानी पेयजल योजना में पंपिंग नहीं हो पा रही है। बताया गया है कि योजना के स्रोत में सिल्ट आ चुकी है, जिस कारण पंपिंग प्रभावित हो गई है। यदि बारिश नहीं थमी तो इन ग्राम सभाओं पर पानी का संकट हो सकता है। उधर भिकियासैंण में रामगंगा नदी से बनी नौला-कमराड़ पेयजल योजना अभी तक ठीक नहीं हो पाई है।
यहां भी रामगंगा उफान पर है, जिस कारण गाद से पंप पटे हुए हैं। हालांकि जल संस्थान ट्यूबवैल से यहां वैकल्पिक व्यवस्था कर रहा है। क्षेत्र के 40 ग्राम सभाओं में एक दिन छोड़कर पानी वितरित किया जा रहा है। वहीं द्वाराहाट शहर को पानी पिलाने वाले कमलघाट पेयजल पंपिंग योजना के पाइप नदी में बह गए हैं। पनेरगांव योजना के पाइपों का भी यही हाल है। उधर, डोटलगांव और धनखलगांव की पेयजल योजनाओं के स्रोत गधेरे उफान पर होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गए बताया गया है कि क्षतिग्रस्त पाइप ही चोरी हो गए हैं। सुनवाली, खलना पेयजल पंपिग योजनाएं भी क्षतिग्रस्त हैं।